दुनियाभर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस से अब तक तीन करोड़ 14 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि नौ लाख 69 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि राहत की बात ये है कि दो करोड़ 31 लाख से अधिक लोग अब तक इस वायरस के संक्रमण से ठीक भी हो चुके हैं। इससे वहीं लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ रहे हैं, जिनमें वायरस के लक्षण गंभीर नजर आते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कोरोना के किन लक्षणों को गंभीरता से लेने की जरूरत है और कौन से लक्षण नजर आने पर ज्यादा परेशानी की बात नहीं है। आइए इस बारे में विशेषज्ञ से जानते हैं...
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Coronavirus: कोरोना के किन लक्षणों को गंभीरता से लेने की जरूरत है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
Tue, 22 Sep 2020 12:57 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 22 Sep 2020 12:57 PM IST
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कोरोना वायरस के लक्षण
- फोटो : iStock/Amar Ujala
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
कोरोना के किन लक्षणों को गंभीरता से लेने की जरूरत है?
- मैक्स अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बलबीर सिंह बताते हैं, 'केवल बुखार-खांसी आती है, तो परेशानी की बात नहीं है, लेकिन अगर सांस फूलती है और बार-बार लगातार खांसी आ रही है, तो ये कोरोना के गंभीर लक्षण हो सकते हैं। दरअसल, ऐसा ऑक्सीजन लेवल कम होने पर होता है। ऑक्सीजन लेवल अचानक नीचे जाता है और ऐसे में कुछ भी हो सकता है।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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कभी-कभी कोरोना के मरीज का ऑक्सीजन लेवल अचानक गिर क्यों जाता है?
- डॉ. बलबीर सिंह बताते हैं, 'यह इतना अजीब वायरस है कि इसको समझना बहुत मुश्किल है। कई बार हमने देखा है कि व्यक्ति पॉजिटिव आया और उसमें लक्षण भी नहीं आए और वो ठीक भी हो गया। दूसरा है जिसे लक्षणों के आधार पर वेंटिलेटर की जरूरत पड़ जाती है। तीसरा मरीज ऐसा है, जो आराम से घर पर होम आइसोलेशन में है, लेकिन अचानक ऑक्सीजन लेवल इतना नीचे चला जाता है कि एक घंटे में उसकी मौत हो जाती है। इसलिए कोमोरबिडिटी के मरीजों को अस्पताल में तुरंत भर्ती किया जाता है।'
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ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल कैसे करें?
- डॉ. बलबीर सिंह के मुताबिक, 'ऑक्सीमीटर का उपयोग तभी करना चाहिए, अगर आपके अंदर कोरोना के लक्षण हैं या फिर टेस्ट पॉजिटिव आने पर करना चाहिए और उन लोगों के लिए जरूरी है, जिनको सांस की बीमारी रहती है।'
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कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसके क्या कारण हो सकते हैं?
- डॉ. बलबीर सिंह कहते हैं, 'इसमें कोई शक नहीं है कि भारत में कोरोना के मरीजों का रिकवरी रेट अच्छा है और मौतें भी कम हुई हैं, लेकिन ऐसी चीज क्यों है? इसके दो-तीन कारण हैं- हमारी युवा आबादी ज्यादा है, पश्चिमी देशों में बुजुर्गों की आबादी ज्यादा है। वृद्धों में रिकवरी लो रहती है। जैसे-जैसे समय निकला, नई दवाइयां आईं, जो प्रभावी हैं। हमें मरीजों को ठीक करने के नए तरीके भी मिले। हमारे हाथ में मैजिक बुलेट भले ही नहीं है, लेकिन हमें कुछ तरीके मिल गए हैं, जिनसे हम वायरस से लड़ सकते हैं। तीसरा कारण आंशिक प्रतिरक्षा है, जो अपने-आप आ जाती है।'