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सावधान: बुजुर्गों को कोरोना से दोबारा संक्रमित का खतरा है ज्यादा, नए शोध में खुलासा

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Thu, 01 Apr 2021 04:08 PM IST
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Coronavirus reinfection covid 19 new study says Senior citizens more likely to get reinfected
कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। दुनियाभर में अब तक इससे 12 करोड़ 95 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 28 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञ यह पहले भी कह चुके हैं कि बुजुर्गों को कोरोना से संक्रमित होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और अब एक नए शोध में यह पाया गया है कि उनके कोरोना से दोबारा संक्रमित होने का खतरा भी ज्यादा है। शोध में सुझाव दिया गया है कि 65 साल से अधिक उम्र के जो लोग कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं, उन्हें भी वैक्सीन दी जानी चाहिए, क्योंकि प्राकृतिक इम्यूनिटी पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। 

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Coronavirus reinfection covid 19 new study says Senior citizens more likely to get reinfected
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

द लैंसेट नामक पत्रिका में बीते बुधवार को शोध के नतीजे प्रकाशित किए गए हैं, जिसमें बताया गया है कि कोरोना को एक बार मात दे चुके बुजुर्गों को दोबारा इस वायरस की चपेट में आने ज्यादा खतरा है। शोध के मुताबिक, कोरोना से रिकवर होने के बाद कम से कम छह महीने के लिए सुरक्षा तो मिल जाती है, लेकिन युवाओं के मुकाबले बुजुर्ग दोबारा संक्रमण के प्रति भी अधिक संवेदनशील हैं।   

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Coronavirus reinfection covid 19 new study says Senior citizens more likely to get reinfected
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2020 में डेनमार्क में आरटी-पीसीआर टेस्ट के नतीजों का अध्ययन किया गया था, जिसमें पता चला था कि 65 साल से कम उम्र के जो लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके थे, उनके दोबारा संक्रमित होने के बाद 80 फीसदी तक सुरक्षा मिली, जबकि 65 और उससे अधिक उम्र के लोगों को दोबारा संक्रमित होने के बाद महज 47 फीसदी ही सुरक्षा मिली। 

Coronavirus reinfection covid 19 new study says Senior citizens more likely to get reinfected
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए शोधकर्ताओं का कहना है कि पहली बार कोरोना से संक्रमित होने के बाद जो प्राकृतिक सुरक्षा मिलती है, उसपर भरोसा नहीं किया जा सकता है और खासकर बुजुर्गों के लिए, क्योंकि उनके गंभीर रूप से बीमार पड़ने का जोखिम सबसे अधिक होता है। 

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Coronavirus reinfection covid 19 new study says Senior citizens more likely to get reinfected
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

विशेषज्ञ कहते हैं कि जो लोग पहले कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, उनको भी वैक्सीन दी जानी चाहिए। वहीं शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए अधिक प्रभावी वैक्सीन के साथ वैश्विक टीकाकरण कार्यक्रम ही स्थायी समाधान है। 

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