देश में कोरोना के आंकड़े भले ही एक दो दिनों से सुधरते हुए नजर आ रहे हैं लेकिन हालात अभी भी खराब ही है। कोविड के इस दौर में विशेषज्ञ सभी लोगों को शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह की सेहत पर विशेष ध्यान देने पर जोर दे रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि इन विपरीत परिस्थितियों में लोगों को कोविड से जुड़ी जानकारियों के प्रति भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि सोशल मीडिया पर कई सारी ऐसी खबरें भी फैली हुई हैं, जो आपको भ्रमित कर सकती हैं।
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फैक्ट चेक: क्या लंबे समय तक मास्क लगाए रहने से शरीर में हो सकती है ऑक्सीजन की कमी? जानिए सच्चाई
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Fri, 14 May 2021 05:26 PM IST
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मास्क के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया में वायरल है एक पोस्ट
- फोटो : iStock
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लंबे समय तक मास्क के उपयोग से कोई नुकसान नहीं है
- फोटो : Pixabay
क्या है वायरल खबर?
सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में कहा जा रहा है कि लंबे समय तक मास्क के उपयोग से शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इंसान को दिनभर में 550 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है, मास्क लगाने से यह घटकर 200-250 लीटर ही रह जाता है, इसलिए मास्क नहीं लगाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में कहा जा रहा है कि लंबे समय तक मास्क के उपयोग से शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इंसान को दिनभर में 550 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है, मास्क लगाने से यह घटकर 200-250 लीटर ही रह जाता है, इसलिए मास्क नहीं लगाना चाहिए।
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सोशल मीडिया की फर्जी खबरों पर न करें यकीन
- फोटो : istock
क्या है इसकी सच्चाई?
भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने ट्वीट के माध्यम से इस वायरल खबर का खंडन करते हुए लोगों को जागरूक किया है। ट्वीट में बताया गया है कि इस तरह का दावा पूरी तरह से झूठा है, कृप्या इनपर भरोसा न करें। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सही तरीके से मास्क जरूर लगाएं। सोशल मीडिया पर फैल रही इस तरह की खबरें पर न ही भरोसा करें, न ही इसे शेयर करें।
भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने ट्वीट के माध्यम से इस वायरल खबर का खंडन करते हुए लोगों को जागरूक किया है। ट्वीट में बताया गया है कि इस तरह का दावा पूरी तरह से झूठा है, कृप्या इनपर भरोसा न करें। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सही तरीके से मास्क जरूर लगाएं। सोशल मीडिया पर फैल रही इस तरह की खबरें पर न ही भरोसा करें, न ही इसे शेयर करें।
It is being claimed in a message that prolonged usage of masks leads to intoxication of CO2 & oxygen deficiency in the body.#PIBFactCheck: This claim is #FAKE. Stop the spread of Coronavirus by wearing mask properly, maintaining social distance and washing hands regularly. https://t.co/EYcl3JxJPO pic.twitter.com/PN6wAFOp3F
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 10, 2021
मास्क से पूरा चेहरा ढका होना जरूरी
- फोटो : pixabay
मास्क लगाने का सही तरीका क्या है?
दिल्ली एम्स में डिपार्टमेंट ऑफ हेमेटोलॉजी के डॉ. जयस्तु सेनापति कहते हैं कि यदि वर्तमान स्थिति में लोग मास्क लगाने का सही तरीका सीख लें तो हम बहुत जल्द इस संक्रमण पर काबू पा सकते हैं। आपने भी लोगों को मास्क नाक के नीचे पहनते देखा होगा। अगर मास्क से आपकी नाक और मुंह अच्छी तरह से ढका हुआ नहीं है तो इससे आपको कोई लाभ नहीं है। ध्यान रखें मास्क अच्छी तरह से कसा हुआ हो और इससे नाक और मुंह कवर रहे।
दिल्ली एम्स में डिपार्टमेंट ऑफ हेमेटोलॉजी के डॉ. जयस्तु सेनापति कहते हैं कि यदि वर्तमान स्थिति में लोग मास्क लगाने का सही तरीका सीख लें तो हम बहुत जल्द इस संक्रमण पर काबू पा सकते हैं। आपने भी लोगों को मास्क नाक के नीचे पहनते देखा होगा। अगर मास्क से आपकी नाक और मुंह अच्छी तरह से ढका हुआ नहीं है तो इससे आपको कोई लाभ नहीं है। ध्यान रखें मास्क अच्छी तरह से कसा हुआ हो और इससे नाक और मुंह कवर रहे।
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मास्क लगाना बेहद जरूरी
- फोटो : PTI
एनी मास्क इज बेटर दैन नो मास्क
डॉ जयस्तु कहते हैं- ''एनी मास्क इज बेटर दैन नो मास्क।'' आप कोई भी मास्क पहनें, बस ध्यान इस बात का रखें कि इससे नाक और मुंह अच्छी तरह से कवर रहे। एन-95 मास्क को सबसे बेहतर माना जाता है क्योंकि यह वायरस को फिल्टर करने में ज्यादा प्रभावी है। इसके बाद सर्जिकल मास्क को अच्छा माना जाता है। यदि आपके पास इनमें से कोई उपलब्ध नहीं है तो आप कपड़े से बने दो मास्क भी पहन सकते हैं।
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नोट: यह लेख केंद्र सरकार के के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा किए गए फैक्ट चेक ट्वीट के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है।
डॉ जयस्तु कहते हैं- ''एनी मास्क इज बेटर दैन नो मास्क।'' आप कोई भी मास्क पहनें, बस ध्यान इस बात का रखें कि इससे नाक और मुंह अच्छी तरह से कवर रहे। एन-95 मास्क को सबसे बेहतर माना जाता है क्योंकि यह वायरस को फिल्टर करने में ज्यादा प्रभावी है। इसके बाद सर्जिकल मास्क को अच्छा माना जाता है। यदि आपके पास इनमें से कोई उपलब्ध नहीं है तो आप कपड़े से बने दो मास्क भी पहन सकते हैं।
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नोट: यह लेख केंद्र सरकार के के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा किए गए फैक्ट चेक ट्वीट के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है।

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