Dental Health: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें सभी अंगों की सेहत पर ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। आमतौर पर जब अच्छी सेहत की बात आती है तो हम सभी हृदय-फेफड़े और लिवर जैसे अंगों को लेकर तो खूब चर्चा करते हैं पर इन सबके बीच दांतों और मसूड़ों की सेहत को अनदेखा कर दिया जाता है।
Dental Health: डेंटिस्ट ने बताई 6 चीजें जो दांतों-मसूड़ों के लिए साबित हो रही हैं दुश्मन, आप भी जान लीजिए
- भले ही आप अच्छी मौखिक स्वच्छता की दिनचर्या जैसे दो बार ब्रश करने की आदत का गंभीरता से ध्यान रखते हैं पर कुछ खाद्य पदार्थ इस मेहनत को बर्बाद कर सकते हैं। कुछ खाद्य पदार्थ दांतों में पीलेपन का खतरा भी बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
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क्या है डेंटिस्ट की सलाह?
अमर उजाला से बातचीत में दंत रोग विशेषज्ञ डॉ आरिफा खान बताती हैं, भले ही आप अच्छी मौखिक स्वच्छता की दिनचर्या जैसे दो बार ब्रश करने की आदत का गंभीरता से ध्यान रखते हैं पर कुछ खाद्य पदार्थ इस मेहनत को बर्बाद कर सकते हैं। कुछ खाद्य पदार्थ दांतों में पीलेपन का खतरा भी बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
डॉ. खान कहती हैं, यह एक आम समस्या है जो हम क्लिनिक में रोज देखते हैं और जिसे लेकर मरीज अक्सर चिंतित रहते हैं। दांतों के ऊपरी परत एनेमल को नुकसान पहुंचने के कारण डेंटिन नामक पीली परत दिखाई देने लगती है। अगर आप इससे बचे रहना चाहते हैं तो खान-पान में कुछ सुधार कर लें।
मीठे खाद्य पदार्थ दांतों के लिए नुकसानदायक
- चीनी वाली चीजें दांतों की सबसे बड़ी दुश्मन मानी जाती है। जब हम ज्यादा मीठा खाते हैं या कोल्ड ड्रिंक, जूस, कैंडी जैसी चीजें बार-बार लेते हैं, तो मुंह में मौजूद बैक्टीरिया इसे एसिड में बदल देते हैं। यह एसिड दांतों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाता है, जिससे कैविटी और दांतों में सड़न शुरू हो जाती है। अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों में दांतों की सड़न का मुख्य कारण अत्यधिक शुगर सेवन है।
कोल्ड ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स
- अगर आप भी कोल्ड ड्रिंक्स या सोडा वाली चीजें ज्यादा पीते हैं तो इसके कारण भी दांतों से संबंधित दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इनमें चीनी के साथ-साथ फॉस्फोरिक और सिट्रिक एसिड भी होता है, जो दांतों की इनेमल परत को घिस देता है। लंबे समय तक इनका सेवन करने से दांतों में संवेदनशीलता, पीला पड़ने और मसूड़ों में सूजन जैसी दिक्कतें बढ़ती हैं।
धूम्रपान और तंबाकू का सेवन
- सिगरेट, बीड़ी, गुटखा या पान मसाला जैसी चीजें न सिर्फ दांतों का रंग बिगाड़ती हैं, बल्कि मसूड़ों में रक्त संचार को बाधित करके पीरियडोंटल डिजीज का कारण बनती हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार दुनियाभरर में 40% ओरल कैंसर के मामले तंबाकू सेवन से जुड़े हैं। इसके अलावा, तंबाकू मसूड़ों को कमजोर करता है, जिससे दांत ढीले हो जाते हैं।
जोर से ब्रश करने की आदत खराब
- कई लोग सोचते हैं कि जितना जोर से ब्रश करेंगे, दांत उतने साफ होंगे। लेकिन ऐसा करने से इनेमल घिस जाती है और मसूड़ों में दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। ब्रिटिश डेंटल जर्नल में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, तेज ब्रशिंग के कारण दांतों और मसूड़ों दोनों पर असर होता है।
खानपान में गड़बड़ी
- कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी दांतों और मसूड़ों दोनों को कमजोर बनाती है। जंक फूड, अत्यधिक एसिडिक चीजें और फास्ट फूड न सिर्फ दांतों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि हड्डियों की मजबूती भी घटाते हैं। जिन लोगों के आहार में डेयरी प्रोडक्ट्स और हरी सब्जियां कम होती हैं, उनमें कैविटी और गम डिजीज ज्यादा पाई जाती है।
चाय और कॉफी का अधिक सेवन
- बहुत ज्यादा चाय-कॉफी भी आपके दांतों के पीलेपन का कारण हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चाय में टैनिन होता है, जो एक प्रकार का पॉलीफेनोल है और ये अक्सर पीले या भूरे रंग का होता है। जब टैनिन आपके इनेमल में प्रवेश करते हैं, तो वे अक्सर आपके दांतों में हरा या धूसर रंग पैदा कर देते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।