डायबिटीज की समस्या मौजूदा समय में इतनी आम हो गई है कि बच्चे-बच्चे को भी इस बारे में जानकारी होती है। ब्लड शुगर बढ़े रहने की ये बीमारी शरीर को कई तरह से प्रभावित करने वाली हो सकती है। पहले ये बीमारी उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या मानी जाती थी हालांकि अब युवा आबादी, यहां तक कि बच्चों में भी इसका खतरा देखा जा रहा है।
Diabetes: डायबिटीज में सबसे पहले कौन से लक्षण दिखते हैं, जिन्हें बिल्कुल नहीं करना चाहिए इग्नोर
डायबिटीज की शुरुआत में हमारा शरीर कुछ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण संकेत देता है, जिन्हें लोग अक्सर सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो इससे टाइप-2 डायबिटीज और इसके कारण होने वाली जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।
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डायबिटीज और इसके लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को मधुमेह की समस्या रही है, उन्हें इसके जोखिमों को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए।
डायबिटीज की शुरुआत में हमारा शरीर कुछ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण संकेत देता है, जिन्हें लोग अक्सर सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो इससे टाइप-2 डायबिटीज और इसके कारण होने वाली जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।
आइए जानते हैं कि किन शुरुआती संकेतों को अनदेखा करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है?
बार-बार जाना पड़ता है बाथरूम
- डायबिटीज का सबसे आम और शुरुआती संकेत है बार-बार पेशाब लगना। जब शरीर में ग्लूकोज का स्तर बहुत अधिक हो जाता है, तो किडनी अतिरिक्त शुगर को निकालने के लिए अधिक मात्रा में पानी फिल्टर करती है। इसके कारण आपको कई बार पेशाब जाना पड़ता है। डॉक्टर कहते हैं अगर आपको रात में दो से अधिक बार पेशाब जाना पड़ता है तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है।
बहुत ज्यादा प्यास लगना भी ठीक नहीं
- जब शरीर से बार-बार पेशाब के जरिए पानी बाहर निकलता है, तो इससे डिहाइड्रेशन होता है। इससे आपको बार-बार प्यास लगने लगती है। ज्यादा पेशाब, ज्यादा पानी पीना ये दोनों ही डायबिटीज का संकेत हैं। अगर यह स्थिति कई दिनों तक बनी रहे, तो यह शरीर में असंतुलित शुगर लेवल का संकेत है। इसे बिल्कुल अनदेखा नहीं करना चाहिए।
तेजी से वजन कम होना
- कई बार बिना किसी खास प्रयास या डाइट कंट्रोल के भी वजन तेजी से कम होने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती ग्लूकोज कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता और शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों व फैट को तोड़ने लगता है। इस कारण वजन तेजी से गिरता है। यह लक्षण टाइप-2 वालों में अधिक देखा जाता है।
थकान और कमजोरी
- डायबिटीज में शरीर में मौजूद ग्लूकोज कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता, जिससे ऊर्जा की कमी महसूस होती है। इसके कारण आपको लगातार थकान, नींद और कमजोरी का अनुभव होता है। यह थकान आराम या नींद लेने के बाद भी खत्म नहीं होती। अध्ययनों के मुताबिक, डायबिटीज के मरीजों में क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम (लगातार थकान रहना) आम है।
घाव का देर से भरना
- अगर आपके छोटे-छोटे घाव या कट जल्दी नहीं भरते, तो यह भी डायबिटीज का संकेत हो सकता है। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है और रक्त संचार को प्रभावित करता है, जिससे घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। पैरों में संक्रमण, मसूड़ों की सूजन या त्वचा पर फंगल इंफेक्शन बार-बार होना डायबिटीज का संकेत माना जाता है, इसकी जांच जरूर करा लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।