Dipika Kakar Cancer: बिग बॉस सीजन 12 की विजेता और मशहूर टीवी अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ ने खुलासा किया है कि उन्हें स्टेज-2 लिवर कैंसर हो गया है। सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट में, अभिनेत्री ने बताया कि पिछले दिनों उनका टेस्ट किया गया, जिसके बाद डॉक्टर्स की टीम ने कैंसर का निदान किया है।
Dipika Kakar: दीपिका कक्कड़ को हुआ स्टेज-2 लिवर कैंसर, जानिए क्यों होती है ये दिक्कत और कैसे करें पहचान
Dipika Kakar Cancer: मशहूर टीवी अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ ने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्हें स्टेज-2 लिवर कैंसर हो गया है। इस खबर के सामने आने के बाद से लोगों के मन में सवाल है कि स्टेज 2 कैंसर कितना खतरनाक होता है, ये होता क्यों है और कैसे शुरुआत में ही इसकी पहचान की जा सकती है?
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स्टेज-2 का कैंसर
इस खबर के सामने आने के बाद से लोगों के मन में सवाल है कि स्टेज 2 कैंसर कितना खतरनाक होता है, ये होता क्यों है और कैसे शुरुआत में ही इसकी पहचान की जा सकती है?
कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, स्टेज-2 कैंसर का मतलब है कि कैंसर बढ़ चुका है, लेकिन शरीर के दूसरे हिस्सों में नहीं फैला है। यह स्टेज-1 से ज्यादा एडवांस स्टेज है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शुरुआती निदान और उचित उपचार के साथ स्टेज-2 कैंसर का इलाज संभव है। इलाज के बाद लोग लंबा, स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
अब बात लिवर में होने वाले कैंसर की करते हैं।
लिवर कैंसर, आपके लिवर की कोशिकाओं में शुरू होता है। लिवर में कई तरह के कैंसर हो सकते हैं। लिवर कैंसर का सबसे आम प्रकार हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा है, जो मुख्य प्रकार की लिवर कोशिका (हेपेटोसाइट) में शुरू होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लिवर में कैंसर तब होता है जब लिवर की कोशिकाओं के डीएनए में परिवर्तन (म्यूटेशन) होने लगते हैं। इससे कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और अंततः ट्यूमर बना सकती हैं।
दीपिका के मामले में पहले उनके लिवर में ट्यूमर का पता चला जिसे बाद में कैंसर वाला पाया गया है। हालांकि हर ट्यूमर कैंसरकारक हो ये भी जरूरी नहीं है। कभी-कभी लिवर कैंसर क्रोनिक हेपेटाइटिस जैसे संक्रमण के कारण भी हो सकता है, इसलिए लिवर में होने वाली किसी भी प्रकार की समस्या को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
लिवर में ट्यूमर होना कितना खतरनाक?
अब आपके मन में भी सवाल आ रहा होगा कि आखिर समय रहते इसका पता कैसे लगाया जा सकता है?
अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में युवा आबादी भी लिवर कैंसर जैसी जानलेवा समस्याओं का शिकार हो रही है। डॉक्टर कहते हैं, अगर समय रहते इस कैंसर के लक्षणों का पता लगाकर इलाज प्राप्त कर लिया जाए तो रोग के गंभीर रूप लेने और मृत्युदर को कम करने में मदद मिल सकती है।
आइए इसके कुछ सामान्य लक्षणों को जानते हैं।
पेट में होने वाली समस्याएं
- लिवर में होने वाली बीमारियों-कैंसर के शुरुआती लक्षण पेट में होने वाली असहजता के रूप में नजर आते हैं। इसमें पेट में दाहिनी ओर दर्द होना सबसे आम है।आमतौर पर इस तरह के दर्द को गैस के कारण होने वाला दर्द मान लिया जाता है।
- पेट में दर्द के साथ-साथ अगर पेट में सूजन और अक्सर उल्टी-मितली की समस्या बनी रहती है तो इस बारे में गंभीरता से ध्यान देना जरूरी हो जाता है। ये भी कैंसर का संकेत हो सकता है।
पीलिया की दिक्कत
लिवर में होने वाली बीमारियों और कैंसर में भी बार-बार पीलिया होना एक सामान्य संकेत हो सकता है। रक्त प्रवाह में बिलीरुबिन की मात्रा काफी बढ़ जाने के कारण पीलिया होती है।
- इसमें त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला दिखाई देने लगता है।
- डॉक्टर बताते हैं, लिवर के ठीक तरीके से काम न करने की स्थिति में इस तरह की दिक्कत होती है।
- अगर आपको भी बार-बार पीलिया हो रही है तो इसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी है।
लिवर कैंसर के इन संकेतों के बारे में भी जानिए
- बिना प्रयास किए वजन कम होना
- भूख न लगना, अक्सर कमजोरी होते रहना।
- अक्सर उल्टी जैसा अनुभव होते रहना।
- कमजोरी और थकान
- पेट में सूजन बने रहना।
डॉक्टर कहते हैं, अगर सही समय पर कैंसर का पता चल जाए और इसका इलाज शुरू हो जाए तो जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। ट्यूमर की स्थिति में सर्जरी करके ट्यूमर को बाहर निकाला जाता है। वहीं कैंसर की स्थिति और प्रसार के आधार पर कीमोथेरेपी और अन्य कैंसर सेल्स को मारने वाले उपचार प्रयोग में लाए जाते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।