कैंसर वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। ये बीमारी हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती है। पुरुषों में फेफड़े, लंग्स और मुंह के कैंसर जबकि महिलाओं में स्तन, सर्वाइकल कैंसर के मामले हाल के वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। पहले जहां कैंसर को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, वहीं अब 30 साल की महिलाओं में भी इसके मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में मास्टर शेफ इंडिया सीजन 1 की विनर पंकज भदौरिया ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर हो गया है।
Pankaj Bhadouria: पहचान लिए ये 4 संकेत तो टल सकता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा, मास्टरशेफ इंडिया विनर हो गईं शिकार
दुनियाभर में महिलाओं में पाए जाने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम है। हाल ही में मास्टर शेफ इंडिया सीजन 1 की विनर पंकज भदौरिया अपने ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े अनुभव साझा किए। आप इस गंभीर कैंसर से खुद को कैसे सुरक्षित रख सकती हैं, आइए इस बारे में जान लेते हैं।
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भारत में भी बढ़ता जा रहा है ब्रेस्ट कैंसर
आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में महिलाओं में रिपोर्ट किए जाने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम है। भारत में भी हर साल लाखों नए मामले सामने आते हैं।
- विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर शुरुआती स्टेज में इसकी पहचान हो जाए तो इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
- समस्या यह है कि ज्यादातर महिलाएं तब तक जांच नहीं करवातीं जब तक दर्द या कोई गंभीर बदलाव महसूस न हो।
- आमतौर पर देखा जाता रहा है कि ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण में हमेशा दर्द होना जरूरी नहीं है।
- कैंसर के दूसरे लक्षणों की नियमित जांच करते रहना जरूरी है। आप घर पर ही खुद से ब्रेस्ट कैंसर की आसानी से जांच कर सकती हैं।
स्तन में गांठ तो नहीं है?
ब्रेस्ट कैंसर का सबसे सामान्य और शुरुआती लक्षण स्तन में गांठ महसूस होना माना जाता है। हालांकि हर गांठ कैंसर नहीं होती। डॉक्टरों के अनुसार कैंसर वाली गांठ अक्सर कठोर होती है। कई बार उसमें दर्द भी नहीं होता। यही कारण है कि महिलाएं दर्द न होने पर उसे सामान्य समझ लेती हैं।
- कई बार यह आकार में बहुत छोटी हो सकती है।
- शीशे के सामने सेल्फ एग्जाम करके इसे महसूस किया जा सकता है।
- अगर गांठ लगातार बनी रहे, आकार बढ़े या त्वचा में बदलाव के साथ दिखे तो तुरंत मैमोग्राफी या डॉक्टर की जांच जरूरी हो जाती है।
स्तन की त्वचा में कोई बदलाव तो नहीं?
स्तन में गांठ के अलावा कई बार त्वचा पर भी इसके संकेत दिखाई देने लगते हैं। स्तन की त्वचा पर गड्ढे पड़ना, सिकुड़न आना या त्वचा का लाल होना शुरुआती संकेत हो सकता है।
- कैंसर कोशिकाएं त्वचा और आसपास के टिश्यू को प्रभावित करने लगती हैं।
- आमतौर पर शुरुआत में ये एलर्जी, संक्रमण जैसा लग सकता है लेकिन अगर यह बदलाव लगातार बने रहें तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
- अगर स्तन की त्वचा अचानक अलग दिखने लगे, रंग बदल जाए या खिंचाव महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
निप्पल से कोई डिस्चार्ज तो नहीं?
स्तन की जांच के दौरान अगर इससे कोई असामान्य डिस्चार्ज दिख रहा है तो भी सावधान हो जाना चाहिए।
- यदि निप्पल से बिना दबाव के खून, पीला या किसी अन्य रंग का तरल निकलने लगे तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है।
- हालांकि हर डिस्चार्ज कैंसर नहीं होता। कई बार हार्मोनल बदलाव, संक्रमण या अन्य कारणों से भी ऐसा हो सकता है।
- ब्रेस्ट कैंसर के अन्य लक्षण जैसे गांठ या त्वचा में बदलाव के साथ डिस्चार्ज की समस्या गंभीर हो सकती है।