Food Poisoning Symptoms And Prevention: फूड पॉइजनिंग एक ऐसी स्थिति है जो दूषित, बासी या बैक्टीरिया युक्त भोजन के सेवन से होती है। अक्सर हम इसे पेट की सामान्य खराबी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह शरीर में डिहाइड्रेशन और अंगों की विफलता तक का कारण बन सकती है।
Food Poisoning: ये गलतियां बढ़ा देते हैं फूड पॉइजनिंग का जोखिम, आज से ही बरतें सावधानी
Causes of Foodborne Illness: फूड पॉइजनिंग एक ऐसी समस्या है, जिसे अगर समय रहते ध्यान न दिया गया तो स्थिति गंभीर भी हो सकती है। फूड पॉइजनिंग होने के पीछे सामान्य तौर पर हमारी ही कुछ गलतियां होती हैं, जिसके बारे में सभी लोगों को जानना चाहिए। आइए जानते हैं कौन-सी गलतियां इस बीमारी का जोखिम बढ़ा देती हैं।
फूड पॉइजनिंग का सबसे बड़ा कारण 'क्रॉस-कंटैमिनेशन' है। अक्सर लोग उसी चाकू या चॉपिंग बोर्ड का उपयोग पकी हुई चीजों के लिए करते हैं जिसका इस्तेमाल कच्चे मांस या सब्जियों के लिए किया गया था। इसके अलावा भोजन को कमरे के तापमान पर लंबे समय तक खुला छोड़ना बैक्टीरिया को पनपने का मौका देता है। फ्रिजर में रखे भोजन को बार-बार गर्म करना और फिर वापस ठंडा करना भी टॉक्सिन्स पैदा करता है।
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क्या पर्सनल हाईजीन की कमी संक्रमण का कारण होती है?
जी हां हाथों की सफाई में कोताही बरतना फूड पॉइजनिंग का एक बड़ा कारण हो सकता है। भोजन बनाने से पहले या खाने से पहले हाथों को साबुन से न धोना कीटाणुओं को सीधे पेट तक पहुंचाता है। इसके अलावा रसोई के कपड़ों और स्पंज की नियमित सफाई न करना भी खतरनाक है, क्योंकि इनमें लाखों बैक्टीरिया छिपे होते हैं जो बर्तनों के जरिए भोजन को दूषित कर देते हैं।
बाहर का खाना और अधपका भोजन कितना जोखिम भरा है?
स्ट्रीट फूड और बाहर का खाना खाते समय स्वच्छता के मानकों का ध्यान न रखना अक्सर भारी पड़ता है। अधपका मांस, कच्चे अंडे या बिना धुली सब्जियां 'पैरासाइट्स' का घर होती हैं। अधपके भोजन में बैक्टीरिया जीवित रह जाते हैं और शरीर के भीतर जाकर तेजी से प्रजनन करते हैं। विशेष रूप से समुद्री भोजन और डेयरी उत्पादों के मामले में बासी भोजन भी जानलेवा साबित हो सकती है।
सतर्कता ही आपके पेट की सुरक्षा है
फूड पॉइजनिंग से बचाव पूरी तरह आपके हाथों में है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हम अक्सर स्वाद के चक्कर में सुरक्षा को भूल जाते हैं। ताजा भोजन खाएं, रसोई के औजारों को साफ सुथरा रखें और कच्चे और पके भोजन को अलग-अलग स्टोर करें। अगर संक्रमण के बाद लगातार उल्टी या तेज बुखार हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। छोटी सी सावधानी आपको अस्पताल के लंबे बिल और शारीरिक कष्ट से बचा सकती है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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