कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच हर दिन नए शोध और अध्ययन सामने आ रहे हैं। वायरस की प्रकृति और प्रभाव से लेकर इसकी दवा और वैक्सीन को लेकर तमाम शोध हो रहे हैं। वायरस के म्यूटेशन को लेकर अबतक कई तरह के शोध हो चुके हैं, जिनमें वायरस के रूप बदलने के बारे में जानकारी सामने आई है। कुछ विशेषज्ञ इसे चुनौती की तरह भी बता चुके हैं। हालांकि कुछेक अध्ययनों में वायरस के स्ट्रेन कमजोर होने की बात भी कही गई थी और बताया गया था कि वैक्सीन बनाने में ऐसी स्थिति मुफीद है। बहरहाल, एक नए शोध अध्ययन में इस वायरस के बारे में बिल्कुल नई जानकारी सामने आई है।
{"_id":"5f316cd58ebc3e3cf67f6d85","slug":"how-coronavirus-change-size-to-help-vaccine-development-big-breakthrough-on-covid-19-treatment-sars-cov-2-formation","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Coronavirus: सामने आई नई जानकारी- इस तरह अपना आकार बदल रहा कोरोना वायरस, ऐसा होना अच्छा है","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Coronavirus: सामने आई नई जानकारी- इस तरह अपना आकार बदल रहा कोरोना वायरस, ऐसा होना अच्छा है
Mon, 10 Aug 2020 09:20 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Mon, 10 Aug 2020 09:20 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus
- फोटो : Pixabay/Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- हेल्थ जर्नल साइंस में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक संक्रमण के बाद कोरोना वायरस का आकार बदलता है। इसकी वजह स्पाइक प्रोटीन बताई गई है। शोध में कहा गया है कि वायरस का स्पाइक प्रोटीन मानव शरीर में पहुंचने के बाद लंबे रॉड का आकार ले लेता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वायरस पर यह नई जानकारी वैक्सीन विकसित करने वाले वैज्ञानिकों के लिए मददगार साबित होगी।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
क्या होता है स्पाइक प्रोटीन
- कोरोना वायरस की बाहरी सतह पर क्राउन (मुकुट) की तरह दिखने वाला जो हिस्सा होता है, वहीं से वायरस प्रोटीन को निकालता है। इसे स्पाइक प्रोटीन कहते हैं। इसी प्रोटीन से संक्रमण की शुरुआत होती है। यह इंसान के एंजाइम एसीई-2 रिसेप्टर से जुड़कर शरीर तक पहुंचता है और फिर अपनी संख्या बढ़ाकर संक्रमण बढ़ाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- अमेरिका के बॉस्टन चिल्ड्रेन अस्पताल की ओर से किए गए इस शोध में कहा गया है कि शरीर में संक्रमण फैलाने के लिए कोरोना वायरस, स्पाइक प्रोटीन के जरिए कोशिकाओं को जकड़ता है। कोशिकाओं को संक्रमित करने के साथ ही वायरस तेजी से अपनी संख्या बढ़ाना शुरू करता है और मरीज की हालत गंभीर होती जाती है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- बॉस्टन चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल के शोधकर्ता डॉ. बिंग चेन और उनकी टीम ने क्रायोजेनिक इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से वायरस का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि स्पाइक प्रोटीन संक्रमण के बाद अपना आकार बदलता है। उन्होंने देखा कि संक्रमण के पहले वह किसी और आकार का है और संक्रमण के बाद यह कुछ और ही दिख रहा था।