कैंसर, दुनियाभर में तेजी से बढ़ते खतरों में से एक है। पिछले एक दशक में भारत में भी कैंसर रोगियों के आंकड़ों में काफी इजाफा देखने को मिला है। वैसे तो कैंसर कई प्रकार के हो सकते हैं, हालांकि इसमें प्रोस्टेट कैंसर दुनियाभर के पुरुषों को प्रभावित करने वाला चौथा सबसे आम प्रकार का कैंसर है। प्रोस्टेट ग्रंथि में कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने के कारण यह समस्या होती है, इसमें रोगियों को पेशाब में कठिनाई, स्खलन, बार-बार पेशाब आने और मूत्र से रक्त आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। 65 वर्ष से ऊपर के लोगों में इसका खतरा अधिक होता है।
आज का हेल्थ टिप्स: बढ़ रहा है प्रोस्टेट कैंसर का खतरा, इन बातों को ध्यान में रखकर रह सकते हैं सुरक्षित
लो फैट डाइट का करें सेवन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लो फैट डाइट का सेवन करके न सिर्फ हृदय रोग, बल्कि प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को भी कम किया जा सकता है। अपने आहार में अधिक मात्रा में गुड फैट जैसे नट्स, घी, मछली को शामिल करने के साथ तली हुई चीजों की मात्रा को कम करके स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जा सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि उच्च वसा वाली चीजों के सेवन से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
अधिक मात्रा में खाएं फल और सब्जियां
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक खाने की प्लेट में रंगीन सब्जियों और विभिन्न प्रकार के फलों को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। तरह-तरह की सब्जियां पोषक तत्वों का पावरहाउस होती हैं। इसमें मौजूद विटामिन्स और खनिज, प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करत सकती हैं। अपने आहार में सोयाबीन और ग्रीन-टी को शामिल करके भी लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
वजन को कम रखना बहुत जरूरी
अध्ययनों से पता चलता है कि अधिक वजन या मोटापा प्रोस्टेट कैंसर और अन्य क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है। 30 या उससे अधिक के बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) वाले पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा अधिक होता है। यदि आपका भी वजन अधिक है तो स्वस्थ आहार का पालन करने और नियमित रूप से व्यायाम करने का प्रयास करें।
शराब और धूम्रपान से बना लें दूरी
धूम्रपान और शराब पीना भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह आदतें तमाम प्रकार की गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकती हैं। अधिक शराब पीने वाले लोगों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा भी अधिक होता है, वहीं धूम्रपान अधिक करने वाले लोगों में कैंसर कोशिकाओं के विकास का खतरा अधिक होता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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