कुछ लोगोंं को पहले से पता होता है कि उन्हें रक्तचाप बढ़ने- घटने की समस्या है। वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं ,जो कि पता ही नहींं लगा पाते हैं कि उनका ब्लड प्रेशर घट रहा है या बढ़ रहा है। गर्मियों में तो कई बार सामान्य लोगों का भी ब्लड प्रेशर बढ़ या घट जाता है। यदि आपका रक्तचाप 90/60 से कम है तो इसे निम्न रक्तचाप की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप लक्षणों को पहचानें और तुरंत चिकित्सकिय परामर्श लें। अगली स्लाइड्स से डॉ हेमंत लुब्बे, जनरल फिजिशियन, रामपीठ हॉस्पिटल से जानिए निम्न रक्तचाप के मुख्य लक्षण।
यदि आपको भी इनमें से कोई लक्षण है तो हो जाइए सचेत, निम्न रक्तचाप के हो सकते हैं संकेत
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चक्कर आना
कई बार स्वस्थ दिखाई देने वाले व्यक्ति को भी चक्कर आ जाते हैं। बिना किसी बीमारी के अचानक चक्कर आ जाना निम्न रक्तचाप का संकेत हो सकता है इसलिए यदि भीड़-भाड़ का माहोल है तो ऐसे व्यक्ति को एकांत में ले जाकर आराम से बैठाना चाहिए और फिर चिकित्सकीय परामर्श लेने के बाद ही कोई उपाय करना चाहिए नहीं तो समस्या और बढ़ सकती है।
तनाव
निम्न रक्तचाप की समस्या उन लोगों के साथ होने की संभावनाएं अधिक रहती है, जो कि तनाव के दौर से गुजर रहे होते हैं। तनाव में अक्सर लोगों के हाथ-पांव ठंडे पड़ जाते हैं, कुछ करने की ऊर्जा ही नहीं बचती है, उसके पीछे निम्न रक्तचाप एक मुख्य कारण होता है इसलिए मनोचिकित्सक तनाव का इलाज करते वक्त रक्तचाप को बराबर रखने की भी दवाएं देते हैं।
सांसों की गति में बदलाव
निम्न रक्तचाप होने पर सांसों के पैर्टन में एक बदलाव होता है। सांसें आधी-अधूरी आने लगती है और उनकी गति महसूस की जा सकती है। सांसों की आवाज सुनाई देने लगती है इसलिए यदि सामन्य सांसों में अचानक से इस तरह का बदलाव होता है तो इस बदलाव को हल्के में न लें और इसका उपचार करवाएं।
गर्मियों में यह लक्षण सबसे ज्यादा देखने में आता है। कोई- कोई दिन ऐसा होता है जब व्यक्ति सोकर उठता है तो वो खुद से शरीर में बिल्कुल भी ऊर्जा महसूस नहीं कर पाता है। यह निम्न रक्तचाप का ही संकेत है। ऐसी स्थिति को महिलाएं अक्सर हल्के में ले लेती हैं और घर के कामों में जुट जाती हैं लेकिन यदि बार-बार ऐसा हुआ तो यह बीमारी घर बना लेती है इसलिए सही समय पर इसके प्रति जागरूक हो जाएं।