क्या आपको भी रात में अच्छी नींद लेने में कठिनाई होती है? अक्सर नींद टूट जाती है? तनाव-चिंता की समस्या बनी रहती है? इस तरह की दिक्कतों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ जीवनशैली में कुछ बदलाव करने की सलाह देते हैं। दिनचर्या में मेडिटेशन को शामिल करके इन समस्याओं से लाभ पाया जा सकता है। मेडिटेशन के अभ्यास की आदत शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है। यह अभ्यास तंत्रिका तंत्र को शांत करके मस्तिष्क के कार्यों को आसान बनाने और आपको बेहतर महसूस कराने में मदद करती है।
विशेषज्ञों की सलाह: अच्छी नींद पाने से लेकर तनाव-चिंता को कम करने में कारगर है यह तरीका, संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
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दर्द से राहत दिलाने का तरीका
पेन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि माइंडफुलनेस मेडिटेशन, सिरदर्द के साथ कई अन्य प्रकार के दर्द की समस्या से राहत दिलाने में कारगर तरीका हो सकता है। मेडिटेशन, दर्द की धारणा के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क के हिस्सों के बीच सूचना के प्रवाह को काट देता है। यह तंत्रिकाओं को शांत करने का सबसे कारगर तरीका है, जिससे सिरदर्द में काफी आराम मिलता है। सिरदर्द की समस्या से आराम मिलने से नींद अच्छी आती है।
अच्छी नींद के लिए मेडिटेशन का अभ्यास
एक अन्य अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि शरीर और मस्तिष्क को आराम देकर, अनावश्यक विचारों को शांत करके मेडिटेशन आपके मस्तिष्क को आराम दिलाने का सबसे कारगर उपाय माना जाता है। अध्ययनों से पता चला है कि मेडिटेशन कोर्टिसोल हार्मोन को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे तनाव का स्तर कम रहता है। यह आपको अच्छी नींद पाने में सहायक हो सकता है। आरामदायक नींद में मदद करने के लिए मेडिटेशन प्राकृतिक रूप से मेलाटोनिन के स्तर को भी बढ़ाता है।
मेडिटेशन से होने वाले अन्य फायदों के बारे में जानिए
अध्ययनों में मेडिटेशन को भावनात्मक और शारीरिक लाभ प्राप्त करने का सबसे सरल और कारगर तरीका बताया गया है।
- तनावपूर्ण स्थितियों में एक नया दृष्टिकोण प्राप्त करने में मदद करती है।
- अपने तनाव को प्रबंधित करने में सहायक अभ्यास है।
- आत्म-जागरूकता को बढ़ाती है।
- ध्यान केंद्रित करने में सहायक अभ्यास है।
- नकारात्मक भावनाओं को कम करती है।
- कल्पना और रचनात्मकता में वृद्धि होती है।
- धैर्य और सहनशीलता बढ़ता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोविड महामारी के बाद से कई तरह की अनिश्चितताओं ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाला है जिसके कारण तनाव-चिंता जैसी समस्याओं का जोखिम काफी बढ़ गया है। इस तरह के लक्षणों पर ध्यान न देने से डिप्रेशन की भी समस्या बढ़ जाती है। मेडिटेशन का अभ्यास करके सभी उम्र के लोग इससे लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।