Mood Swings In Men: अक्सर ऐसा माना जाता है कि मूड स्विंग्स सिर्फ महिलाओं में होने वाली एक समस्या है, जो उनके मासिक धर्म चक्र या हार्मोनल बदलावों से जुड़ी होती है। लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम है कि मूड स्विंग्स सिर्फ महिलाओं में नहीं पुरुषों में भी होती है। यह एक ऐसी गलत धारणा है जिसके कारण समाज में पुरुषों में होने वाले मूड स्विंग्स को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है, या उसे 'चिड़चिड़ापन' या 'गुस्सा' मानकर खारिज कर दिया जाता है।
Health Tips: सिर्फ महिलाओं को ही नहीं पुरुषों को भी होता है मूड स्विंग्स, जानें क्या हैं लक्षण
हमारे समाज में एक आम धारणा है कि सिर्फ महिलाओं को ही मूड स्विंग्स होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है ये समस्या पुरुषों में हो सकती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं, साथ ही पुरुषों में मूड स्विंग्स के लक्षण और बचाव के बारे में भी जानते हैं।
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पुरुषों में मूड स्विंग्स के कारण
पुरुषों में मूड स्विंग्स के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ शारीरिक और कुछ जीवनशैली से जुड़े हैं। सबसे प्रमुख कारणों में से एक है टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर घटना। उम्र बढ़ने के साथ, विशेषकर 30 के बाद, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है, जिससे चिड़चिड़ापन, थकान और अवसाद जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं। इसे एंड्रोपॉज भी कहते हैं।
इसके अलावा क्रोनिक स्ट्रेस भी एक बड़ा कारण है। काम का दबाव, वित्तीय चिंताएं और पारिवारिक जिम्मेदारियां तनाव के स्तर को बढ़ाती हैं, जिससे मूड में बार-बार बदलाव आते हैं। नींद की कमी, खराब खान-पान, शराब का अधिक सेवन और सेडेंटरी लाइफस्टाइल भी इस समस्या को बढ़ा सकती है।
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लक्षणों को कैसे पहचानें?
पुरुषों में मूड स्विंग्स के लक्षण अक्सर महिलाओं की तुलना में अलग तरीके से प्रकट होते हैं। जहां महिलाओं में ज्यादातर उदासी या रोने की प्रवृत्ति दिख सकती है, वहीं पुरुषों में यह अक्सर चिड़चिड़ापन और अचानक गुस्सा आने के रूप में सामने आ सकता है। वे छोटी-छोटी बातों पर भड़क सकते हैं या आसानी से निराश हो सकते हैं।
अन्य प्रमुख लक्षणों में लगातार थकान और ऊर्जा की कमी महसूस कर सकते हैं, इतना ही नहीं उन गतिविधियों में भी रुचि लेना कम देते हैं जो उन्हें पहले पसंद थीं। इसके अलावा, नींद के पैटर्न में बदलाव देखने को मिलता है, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और भूख में बदलाव भी इसके संकेत हो सकते हैं। अगर किसी को ये लक्षण दिखते हैं तो उन्हें नजरअंदाज किए बगैर किसी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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पुरुषों में मूड स्विंग्स की समस्या को गंभीरता से न लेने पर इसके कई नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। सबसे पहले, यह रिश्तों पर बुरा असर डालता है। बार-बार होने वाले गुस्से या चिड़चिड़े व्यवहार से परिवार, दोस्तों और पार्टनर के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है। काम के प्रदर्शन पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि ध्यान केंद्रित करने और निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है।
सबसे गंभीर बात यह है कि अनियंत्रित मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन अक्सर डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इसलिए, इस समस्या को अनदेखा करना बहुत हानिकारक हो सकता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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