दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरोना के इस वैरिएंट के बारे में जानने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं, फिलहाल अब तक की रिपोर्ट में कोरोना के इस वैरिएंट को काफी संक्रामक बताया जा रहा है। भारत में भी ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को बेहद सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक दुनिया के करीब 57 देशों में ओमिक्रॉन के मामले सामने आ चुके हैं।
बड़ी खबर: ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर अध्ययन में बड़ा खुलासा, इस खतरे को लेकर वैज्ञानिकों ने किया आगाह
डेल्टा से भी संक्रामक है ओमिक्रॉन वैरिएंट
जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय को सलाह देने वाले जापानी वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में बताया है कि कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट अपने शुरुआती चरणों में अब तक के सबसे खतरनाक माने जा रहे डेल्टा वैरिएंट की तुलना में 4.2 गुना अधिक संक्रामक मालूम हो रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस अध्ययन से प्राप्त जानकारियां चिंता बढ़ाने वाली हैं, ऐसे में सभी लोगों को इस वैरिएंट से सुरक्षा के उपायों को लगातार पालन में लाते रहने की आवश्यकता है।
गंभीर चिंता का कारण बन सकता है ओमिक्रॉन
जापान स्थित क्योटो विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य और पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर हिरोशी निशिउरा ने जीनोम डेटा का विश्लेषण कर ओमिक्रॉन के बारे में जानने की कोशिश की। अध्ययन की रिपोर्ट में प्रोफेसर निशिउरा बताते हैं, परीक्षण से पता चलता है कि कोरोना का यह वैरिएंट अधिक संक्रामक हो सकता है साथ ही प्राकृतिक और टीकों के माध्यम से निर्मित प्रतिरक्षा को भी चकमा देने की क्षमता रखता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कर चुका है आगाह
स्वास्थ्य मंत्रालय के सलाहकार पैनल की बैठक में प्रस्तुत किए गए रिपोर्ट में बताया गया कि दुनिया के तमाम देशों में ओमिक्रॉन वैरिएंट तेजी से बढ़ता जा रहा है। अध्ययन इस ओर संकेत करते हैं कि यह डेल्टा जैसे घातक वैरिएंट से भी अधिक संक्रामक हो सकता है। इतना ही नहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी आगाह किया है कि यह वैरिएंट "गंभीर परिणामों" का कारण बन सकता है। फिलहाल इस अध्ययन का पीर रिव्यू होना बाकी है।
ओमिक्रॉन पर वैक्सीन की प्रभाविकता जानने के लिए प्रयास जारी
प्रोफेसर निशिउरा कहते हैं, ओमिक्रॉन वैरिएंट पर कौन सी वैक्सीन ज्यादा असरदार हो सकती है इस बारे में जानने के लिए भी अध्ययन किए जा रहे हैं। फिलहाल कुछ रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि जिन देशों में स्वाभाविक रूप से लोग संक्रमित हो रहे हैं वहां टीकाकरण दर 30% से कम थी। हमें भविष्य के रुझानों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि यह देखा जा सके कि क्या उन देशों में भी ऐसा ही होगा जहां एमआरएनए टीकों को दर अधिक है? फिलहाल टीकों के माध्यम से रोग की गंभीरता कम होने के संकते जरूर मिल रहे हैं।
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स्रोत और संदर्भ
Omicron Four Times More Transmissible Than Delta
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