लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण वैश्विक स्तर पर कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोगों का खतरा देखा जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग इसका शिकार हो रहे हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। 30 से कम आयु के लोगों में भी इसका जोखिम बढ़ता देखा जा रहा है।
Alert: डायबिटीज से लेकर हार्ट की बीमारियों के लिए ये दो आदतें सबसे ज्यादा जिम्मेदार, समय रहते कर लें सुधार
मधुमेह और हृदय रोगों का खतरा सभी उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। 30 से कम आयु के लोगों में इसका जोखिम देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं कि ये बीमारियां क्यों बढ़ रही हैं?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
युवा वयस्कों में बढ़ रही हैं ये बीमारियां
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, युवा वयस्क कई कारणों से हृदय रोग-डायबिटीज का शिकार होते जा रहे हैं। धूम्रपान, अस्वास्थ्यकर आहार, नींद संबंधी विकार और शारीरिक निष्क्रियता की कमी इसका प्रमुख कारक हैं। हृदय रोग और डायबिटीज का पारिवारिक इतिहास होना भी आपमें इन गंभीर बीमारियों को बढ़ाने वाला हो सकता है। इसके अलावा अगर आपका वजन अधिक है तो ये स्थिति भी आपमें इन दोनों बीमारियों का जोखिम बढ़ाने वाली हो सकती है।
हालांकि जिन दो कारकों को हार्ट और डायबिटीज रोग के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार माना जा रहा है वो हैं- सेंडेंटरी लाइफस्टाइल और धूम्रपान की आदत।
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल का शिकार तो नहीं?
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल का मतलब दिन का ज्यादातर समय बैठे-बैठे या आराम करते हुए बिताने से है। शारीरिक रूप से निष्क्रियता की इस स्थिति को सेहत के लिए कई प्रकार से गंभीर माना जाता रहा है। क्रोनिक बीमारियों के लिए इसे प्रमुख कारण माना जाता है।
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल (लंबे समय तक बैठे रहने से) रक्त प्रवाह की समस्या प्रभावित हो जाती है। इससे एथेरोस्क्लेरोसिस होने का खतरा रहता है जिसमें धमनियां संकरी और सख्त हो जाती हैं। ये स्थिति हार्ट के लिए खतरनाक है। वहीं अधिक बैठे रहने के कारण इंसुलिन संवेदनशीलता भी प्रभावित हो जाती है, जिससे डायबिटीज हो सकता है।
आप धूम्रपान तो नहीं करते?
धूम्रपान की आदत भी आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। धूम्रपान धमनियों की परत को नुकसान पहुंचाने लगता है जिसमें कोरोनरी धमनियां भी शामिल हैं, जो हृदय को ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति करती हैं। इसके अलावा धूम्रपान से रक्त में फाइब्रिनोजेन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे रक्त का थक्का जम जाता है। इससे हृदय रोगों का खतरा रहता है।
इसी तरह अध्ययनों से पता चलता है कि धूम्रपान करने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका धूम्रपान न करने वाले लोगों की तुलना में 30-40% अधिक होती है।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
डॉक्टर्स कहते हैं, भले ही आपको अभी हार्ट-डायबिटीज की कोई समस्या न हो फिर भी इसके जोखिमों को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहना चाहिए। आहार और दिनर्या को ठीक रखकर आप इन दोनों बीमारियों से बचाव कर सकते हैं। खान-पान को पौष्टिक रखें और शरीर को सक्रिय रखें। इसके अलावा नियमित रूप से सेहत की जांच कराते रहना भी इन बीमारियों से बचे रहने के लिए आवश्यक है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।