शरीर को बेहतर तरीके से काम करते रहने के लिए रोजाना आहार के माध्यम से कई प्रकार के विटामिन्स और खनिजों की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसे आहार के चयन की सलाह देते हैं जिनसे इनकी आसानी से पूर्ति की जा सके। पोषक तत्वों की कमी के कारण शरीर में कई प्रकार के अल्पकालिक और दीर्घकालिक समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि इनकी अधिकता के भी गंभीर नुकसान हो सकते हैं? यदि आप भी अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए विटामिन्स का ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं तो सावधान हो जाइए।
Health Tips: पोषक तत्वों की अधिकता से हो सकती हैं गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, जानिए इन विटामिन्स की अधिक मात्रा के नुकसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विटामिन-डी की अधिकता
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन-डी वाली चीजों के सेवन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी लाभकारी मानते हैं। हालांकि यदि शरीर में इसकी मात्रा अधिक हो जाए तो इसके कारण विटामिन डी विषाक्तता का जोखिम हो सकता है। इसका मुख्य कारण रक्त में कैल्शियम की मात्रा का बढ़ जाना माना जाता है जिससे मतली और उल्टी, कमजोरी और बार-बार पेशाब आने जैसे समस्या हो सकती है। विटामिन-डी विषाक्तता हड्डी के दर्द और किडनी की समस्याओं का भी कारण बन सकती है।
विटामिन-सी की अधिक मात्रा
विटामिन-डी की ही तरह से विटामिन-सी को भी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक माना जाता है। विटामिन-सी, दांतों और त्वचा के साथ शरीर के अन्य अंगों के लिए भी आवश्यक है। वैसे तो अधिक मात्रा में आहार से प्राप्त विटामिन-सी को हानिकारक नहीं माना जाता है, पर इसकी अधिकता के कारण कुछ लोगों में दस्त, जी मिचलाने और उल्टी आदि का खतरा अधिक रहता है।
आयरन की अधिकता
आयरन एक ऐसा खनिज है जिसकी शरीर को वृद्धि और विकास के लिए आवश्यकता होती है। आपका शरीर आयरन का उपयोग हीमोग्लोबिन बनाने के लिए करता है। यदि आप इसकी अधिक मात्रा में सेवन करते रहते हैं तो इसके कारण बहुत अधिक थकान महसूस होने, दिल के धड़कनों की अनियमितता, जोड़ों के दर्द, पेट दर्द और अस्पष्टीकृत रूप से वजन घटने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
अधिक कैल्शियम के नुकसान
कैल्शियम को दांतों और हड्डियों का मुख्य घटक माना जाता है, हालांकि शरीर में इसकी मात्रा का बढ़ जाना किडनी के लिए दिक्कतों को बढ़ा देता है। अतिरिक्त कैल्शियम को फिल्टर करने के लिए किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे अत्यधिक प्यास लगने और बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। यह पाचन तंत्र की समस्याओं जैसे पेट की खराबी, मतली-उल्टी और कब्ज पैदा कर सकती है।
---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।