हमारे शरीर में कई बार ऐसे बदलाव होते हैं, जिनका सही कारण बहुत से लोगों को नहीं पता होता। झुनझुनी भी इन्हीं में से एक आम समस्या है, जिसे लगभग हर किसी ने कभी न कभी अनुभव किया होगा। यह आमतौर पर लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने या हाथ-पैर दबे रहने की वजह से हो सकती है। हालांकि, इसकी असल वजह के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि शरीर में झुनझुनी होने के पीछे कौन-कौन सी वजहें हो सकती हैं और यह किन समस्याओं का संकेत हो सकता है।
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Tingling Sensations: बार-बार हाथ-पैरों में झुनझुनी क्यों होती है? जानें कारण और बचाव के आसान उपाय
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Fri, 28 Feb 2025 09:52 AM IST
सार
Tingling Hands and Feet: अगर आपको बिना किसी स्पष्ट कारण के हाथों-पैरों में झुनझुनी महसूस होती है, तो यह किसी आवश्यक विटामिन की कमी का संकेत हो सकता है। विशेष रूप से, यह समस्या विटामिन बी12, विटामिन बी6 और विटामिन डी की कमी से जुड़ी हो सकती है।
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इस विटामिन की वजह से होती है झुनझुनी
- फोटो : freepik.com
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इस विटामिन की वजह से होती है झुनझुनी
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किन विटामिन की कमी से होती है झुनझुनी?
1. विटामिन बी12 की कमी
- यह तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
- इसकी कमी से नसों में सूजन आ सकती है, जिससे झुनझुनी, कमजोरी और सुन्नपन महसूस हो सकता है।
स्रोत: दूध, दही, अंडे, मछली, चिकन, पनीर, फोर्टिफाइड अनाज।
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इस विटामिन की वजह से होती है झुनझुनी
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2. विटामिन बी6 की कमी
- यह शरीर में न्यूरोलॉजिकल कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में सहायक होता है।
- इसकी कमी से हाथ-पैरों में झुनझुनी, चिड़चिड़ापन और कमजोरी हो सकती है।
स्रोत: केले, एवोकाडो, पालक, नट्स, साबुत अनाज, मीट और मछली।
इस विटामिन की वजह से होती है झुनझुनी
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3. विटामिन डी की कमी
- यह हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
- इसकी कमी से नसों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे झुनझुनी हो सकती है।
स्रोत: धूप, दूध, अंडे की जर्दी, मशरूम, फोर्टिफाइड फूड्स।
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झुनझुनी दूर करने के उपाय
अगर झुनझुनी की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह न्यूरोलॉजिकल या अन्य गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। ऐसे में समय पर डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- संतुलित आहार लें – अपने भोजन में विटामिन बी12, B6 और डी से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें।
- धूप में समय बिताएं – विटामिन डी की पूर्ति के लिए रोजाना 15-20 मिनट धूप लें।
- नियमित व्यायाम करें – ब्लड सर्कुलेशन सुधारने के लिए स्ट्रेचिंग और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं – हाइड्रेटेड रहने से रक्त प्रवाह सही तरीके से बना रहता है, जिससे झुनझुनी की संभावना कम होती है।
- डॉक्टर की सलाह लें – अगर समस्या बनी रहती है, तो मल्टीविटामिन या विटामिन बी12 इंजेक्शन लेने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
अगर झुनझुनी की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह न्यूरोलॉजिकल या अन्य गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। ऐसे में समय पर डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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