UTI In Women: यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) महिलाओं में बहुत आम समस्या है। शोध के अनुसार, हर 10 में से 6 महिलाएं अपने जीवन में कम से कम एक बार UTI का शिकार होती हैं। यह संक्रमण आमतौर पर बैक्टीरिया के कारण होता है, जो मूत्रमार्ग से गुर्दे तक फैल सकता है। यह तब होता है जब बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के माध्यम से मूत्राशय या गुर्दों तक पहुंच जाते हैं और संक्रमण पैदा करते हैं। सही समय पर इलाज न कराने पर यह गंभीर समस्या बन सकती है।
UTI: महिलाओं में बहुत सामान्य है यूटीआई, जानिए क्यों होता है ये संक्रमण
यदि संक्रमण बार-बार हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें। आइए जानते हैं यूटीआई के लक्षण, कारण और बचाव के सही उपाय।
महिलाओं में यूटीआई के लक्षण
अगर आप समझना चाहती हैं कि आप यूटीआई की ग्रसित हैं या नहीं,तो इसके लक्षणों से पहचान करें। यहां यूटीआई के कुछ लक्षण दिए जा रहे हैं।
- पेशाब करते समय जलन या दर्द होना
- बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना
- मूत्र में दुर्गंध आना
- पेट के निचले हिस्से में दर्द या भारीपन
- मूत्र का रंग गहरा पीला या लाल होना (खून आना)
- कमजोरी और हल्का बुखार आना
महिलाओं में UTI होने के प्रमुख कारण
- महिलाओं में पुरुषों की तुलना में मूत्रमार्ग छोटा होता है जिससे बैक्टीरिया जल्दी मूत्राशय में पहुंच सकते हैं। इसलिए महिलाएं इस संक्रमण से अधिक प्रभावित होती हैं।
- शौच के इस्तेमाल के बाद गलत तरीके से सफाई करना बैक्टीरिया को मूलमार्ग तक पहुंच सकता है। सार्वजनिक टॉयलेट का अस्वच्छ इस्तेमाल भी संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है।
- पर्याप्त पानी न पीने से मूत्र के माध्यम से बैक्टीरिया बाहर नहीं निकलते, जिससे संक्रमण बढ़ सकता है। ऐसे में दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना जरूरी है।
- लंबे समय तक पेशाब रोकने से बैक्टीरिया मूत्राशय में जमा होकर संक्रमण कर सकते हैं। नियमित रूप से पेशाब करना संक्रमण से बचाने में मदद करता है।
- गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण मूत्राशय कमजोर हो जाता है, जिससे UTI का खतरा बढ़ जाता है। मेनोपॉज के बाद भी एस्ट्रोजन का स्तर घटने से संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।
- शुगर लेवल ज्यादा होने से बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। इम्यूनिटी कमजोर होने पर शरीर संक्रमण से सही तरीके से लड़ नहीं पाता।
UTI से बचने के उपाय
- कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने से बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं।
- जब भी पेशाब आए, तुरंत जाएं। पेशाब रोकें नहीं।
- टॉयलेट के बाद सही तरीके से सफाई करें। इससे बैक्टीरिया का खतरा नहीं रहता है।
- प्रोबायोटिक्स और दही खाएं। अच्छे बैक्टीरिया संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं।
कब करें डॉक्टर से संपर्क?
अगर घरेलू उपायों के बावजूद 2-3 दिन में सुधार न हो, तेज बुखार हो या कमर में दर्द होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर एंटीबायोटिक और इलाज से यह संक्रमण गंभीर रूप लेने से बच सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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