Right Time to Sunbathe For Vitamin D: आमतौर पर माना जाता है कि भारत में सालभर अच्छी धूप रहती है, इसलिए यहां विटामिन डी की कमी नहीं होनी चाहिए। लेकिन हकीकत इसके विपरीत है, हमारे देश में भी बहुत से लोगों में 'विटामिन डी' की कमी पाई जाती है। हमारे देश में विटामिन डी की कमी एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसे अक्सर 'सनशाइन विटामिन' कहा जाता है।
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Health Tips: विटामिन डी के लिए धूप लेने का सही तरीका क्या है? अच्छी सेहत के लिए आप भी जान लीजिए ये बात
Mon, 27 Oct 2025 03:10 PM IST
शिखर बरनवाल
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Mon, 27 Oct 2025 03:10 PM IST
सार
Right time to Sunbathe for Vitamin D: हमारे भारत में सालभर अच्छी धूप रहती है, फिर भी एक बहुत बड़ी आबादी विटामिन डी की कमी से जूझ रही है। इस 'सनशाइन विटामिन' की कमी से शरीर में कई गंभीर समस्या हो सकती हैं। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि धूप लेने का सही तरीका और समय क्या है।
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विटामिन-डी
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विटामिन डी की पूर्ति
- फोटो : Adobe
धूप लेने का सही समय
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार धूप से विटामिन डी पाने का सबसे अच्छा समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक का होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान सूर्य की रोशनी में यूवीबी (UVB) किरणें सबसे मजबूत होती हैं। यही किरणें आपकी त्वचा को विटामिन डी बनाने में मदद करती हैं।
लोग सोचते हैं कि सुबह की हल्की धूप बेहतर है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से दोपहर से पहले वाली धूप ही विटामिन डी के लिए ज्यादा असरदार होती है, बशर्ते आप ज्यादा देर तक न बैठें।
ये भी पढ़ें- Air Pollution: प्रदूषण में रहने से क्या कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है? ये रिपोर्ट देखकर हैरान रह जाएंगे आप
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार धूप से विटामिन डी पाने का सबसे अच्छा समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक का होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान सूर्य की रोशनी में यूवीबी (UVB) किरणें सबसे मजबूत होती हैं। यही किरणें आपकी त्वचा को विटामिन डी बनाने में मदद करती हैं।
लोग सोचते हैं कि सुबह की हल्की धूप बेहतर है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से दोपहर से पहले वाली धूप ही विटामिन डी के लिए ज्यादा असरदार होती है, बशर्ते आप ज्यादा देर तक न बैठें।
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धूप में समय
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धूप लेने का तरीका
विटामिन डी लेने के लिए आपको रोजाना कम से कम 15 से 30 मिनट तक धूप में बैठना चाहिए। जरूरी नहीं है कि आप पूरे कपड़े उतारकर धूप लें। बस आपके हाथ, पैर और चेहरा सीधे धूप के संपर्क में आने चाहिए।
धूप में बैठने के बाद, जब आपकी अवधि पूरी हो जाए, तो छाया में आ जाएं या कपड़े से शरीर ढक लें। यह आसान तरीका शरीर में विटामिन डी की जरूरी मात्रा पूरी करने के लिए काफी है।
ये भी पढ़ें- Sleep Disorders: नींद न आना बड़ी बीमारियों को है न्योता, आप भी हैं शिकार तो तुरंत सुधार लें ये आदतें
विटामिन डी लेने के लिए आपको रोजाना कम से कम 15 से 30 मिनट तक धूप में बैठना चाहिए। जरूरी नहीं है कि आप पूरे कपड़े उतारकर धूप लें। बस आपके हाथ, पैर और चेहरा सीधे धूप के संपर्क में आने चाहिए।
धूप में बैठने के बाद, जब आपकी अवधि पूरी हो जाए, तो छाया में आ जाएं या कपड़े से शरीर ढक लें। यह आसान तरीका शरीर में विटामिन डी की जरूरी मात्रा पूरी करने के लिए काफी है।
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फॉरेस्ट बाथिंग
- फोटो : Adobe Stock
सनस्क्रीन से दूरी
धूप लेते समय सनस्क्रीन बिल्कुल न लगाएं। सनस्क्रीन एक कवच की तरह काम करती है, जो यूवीबी किरणों को रोक देती है। अगर आप सनस्क्रीन लगाते हैं, तो यह 90% से ज्यादा विटामिन डी बनने की प्रक्रिया को रूक जाती है।
इसलिए पहले 15-30 मिनट बिना सनस्क्रीन के धूप लें। इसके बाद ही अपनी त्वचा को हानिकारक किरणों से बचाने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करें।
धूप लेते समय सनस्क्रीन बिल्कुल न लगाएं। सनस्क्रीन एक कवच की तरह काम करती है, जो यूवीबी किरणों को रोक देती है। अगर आप सनस्क्रीन लगाते हैं, तो यह 90% से ज्यादा विटामिन डी बनने की प्रक्रिया को रूक जाती है।
इसलिए पहले 15-30 मिनट बिना सनस्क्रीन के धूप लें। इसके बाद ही अपनी त्वचा को हानिकारक किरणों से बचाने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करें।
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धूप में समय
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त्वचा का रंग
यह समझना महत्वपूर्ण है कि जिन लोगों की त्वचा का रंग डार्क होता है, उन्हें हल्की त्वचा वालों की तुलना में विटामिन डी बनाने के लिए धूप में 3 से 5 गुना ज्यादा समय बिताना पड़ सकता है।
अगर आप पर्याप्त धूप नहीं ले पाते हैं, तो मछली, अंडे का पीला भाग और फोर्टिफाइड दूध जैसे खाद्य पदार्थ खाएं। या फिर किसी डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन डी के सप्लीमेंट्स लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि जिन लोगों की त्वचा का रंग डार्क होता है, उन्हें हल्की त्वचा वालों की तुलना में विटामिन डी बनाने के लिए धूप में 3 से 5 गुना ज्यादा समय बिताना पड़ सकता है।
अगर आप पर्याप्त धूप नहीं ले पाते हैं, तो मछली, अंडे का पीला भाग और फोर्टिफाइड दूध जैसे खाद्य पदार्थ खाएं। या फिर किसी डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन डी के सप्लीमेंट्स लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।