दुनियाभर में बढ़ती कई तरह की संक्रामक बीमारियां स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं। वायरस-बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण के कारण होने वाली तमाम बीमारियां हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती हैं। बीते एक दशक में हमने इसके कई उदाहरण देखे हैं। कोविड-19 महामारी हो या फिर निपाह, इंफ्लुएंजा के नए स्ट्रेन और मंकीपॉक्स जैसी बीमारियां, इन सभी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाया है।
Good Health: डॉक्टर ने बताया संक्रामक बीमारियों से बचने का सुपर हथियार, फ्लू हो या कोरोना भागेगा दूर
क्या आप भी संक्रामक बीमारियों से बचे रहना चाहते है? चाहते हैं कि फ्लू, कोरोना जैसी बीमारियां आपके पास भी न भटकें? इसके लिए विशेषज्ञों की टीम ने एक बहुत ही कारगर तरीका बताया है। एक छोटी सी आदत आपको कई तरह के वायरल संक्रमण के खतरे से बचाने में मददगार हो सकती है।
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संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए करें हाथों की साफ-सफाई
कई अध्ययनों से साबित हो चुका है कि हमारे हाथ संक्रमण फैलाने का सबसे बड़ा माध्यम होते हैं।
- हम दिनभर जाने-अनजाने में सैकड़ों सतहों जैसे दरवाजे के हैंडल, मोबाइल फोन, पैसे, सार्वजनिक स्थानों को छूते रहते हैं।
- उसी हाथ से अपने चेहरे, आंख, नाक या मुंह को छू लेते हैं।
- यही छोटी सी आदत खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया को सीधे हमारे शरीर में प्रवेश दिला सकती है।
- यही कारण है कि हाथों की नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।
हाथों की स्वच्छता बनाए रखने से होने वाले फायदों के बारे में लोगों को शिक्षित और जागरूक करने के लिए हर साल 5 मई को वर्ल्ड हैंड हाइजीन डे मनाया जाता है। इस साल का थीम है- एक्शन सेव लाइफ्स यानी एक ऐसी आदत जो लाखों जंदगियां बचा सकता है।
हैंड हाइजीन का रखें ध्यान
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इस बात पर जोर देता है कि लगातार और सही तरीके से हाथों की स्वच्छता बनाए रखना कई तरह के वायरल और एंटीमाइक्रोबियल संक्रमण के खतरे से बचाए रखने में मददगार हो सकता है।
डॉक्टर उत्कर्ष निगम बताते हैं, हाथों की स्वच्छता संक्रमण की चेन को तोड़ने में अहम भूमिका निभाती है।
- जब हम साबुन से हाथ धोते हैं या सेनेटाइजर से हाथों को साफ करते हैं तो वायरस के शरीर में प्रवेश का खतरा काफी कम हो जाता है।
- यही कारण है कि कोरोनामहामारी के दौरान भी नियमित हैंड हाइजीन अपनाने की सलाह दी जा रही थी।
- इसके अलावा, हाथ धोने से हाथों पर चिपके बैक्टीरिया भी हट जाते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और त्वचा संक्रमण का खतरा कम होता है।
- यूनिसेफ के अनुसार, अगर सभी लोग सही तरीके से हाथ धोएं, तो हर साल लाखों बच्चों की जान डायरिया और निमोनिया जैसी बीमारियों से बचाई जा सकती है।
कौन-कौन सी बीमारियों से होता है बचाव?
हाथों की सफाई सिर्फ संक्रमण से बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं।
- यह पाचन संबंधी बीमारियों को कम करता है, क्योंकि अधिकतर बैक्टीरिया भोजन और हाथों के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं।
- दस्त के कई मामलों में भी हाथों की साफ-सफाई न रखना बड़ा कारण हो सकता है।
- हाथों की स्वच्छता से त्वचा और आंखों के संक्रमण जैसे कंजक्टिवाइटिस और एलर्जी की समस्या भी कम होती है।
- महामारी या फ्लू सीजन में ये आदत आपको बीमार होने से बचाए रखने में काफी मददगार हो सकती है।
इन बातों का रखें द्यान
डॉक्टर कहते हैं, भले ही आप बीमार न हों फिर भी दिन में कई बार हाथों को अच्छे से साफ करते रहें।
- हाथों पर साबुन लगाएं और हथेलियों, उंगलियों और नाखूनों के नीचे और अंगूठे को अच्छी तरह रगड़ें। इसे पानी से धोकर सूखे तौलिये से पोंछें।
- 60% अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
- खाना खाने से पहले, टॉयलेट के बाद, खांसने-छींकने के बाद, बाहर से घर आने पर हाथों की साफ-सफाई और भी जरूरी हो जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।