एचआईवी संक्रमण मौजूदा समय में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। वैश्विक आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब 37 मिलियन (3.7 करोड़) से अधिक लोग इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के शिकार हैं। साल 2020 के आंकड़े बताते हैं कि इस गंभीर बीमारी के चलते 6 लाख 80 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई, वहीं 15 लाख से अधिक नए लोगों में एचआईवी संक्रमण के बारे में पता चला। चूंकि अभी तक एचआईवी संक्रमण का कोई इलाज नहीं है, इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इससे बचाव के नियमों को पालन में लाते रहने की सलाह देते हैं।
World Aids Day 2021: जानिए एचआईवी संक्रमण के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में सबकुछ विस्तार से
एचआईवी संक्रमण क्यों होता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचएओ) के मुताबिक एचआईवी एक वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है। यह असुरक्षित यौन संबध बनाने, संक्रमित व्यक्ति के रक्त के माध्यम से या गर्भावस्था या प्रसव के दौरान मां से बच्चे में फैल सकता है। असुरक्षित यौन संबध के कारण इस संक्रमण के मामले अधिक देखने को मिलते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इससे बचाव के लिए लोगों कंडोम के इस्तेमाल की सलाह देते हैं।
एचआईवी संक्रमण के लक्षण
डब्ल्यूएचएओ के मुताबिक एचआईवी के लक्षण संक्रमण के चरण के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। वायरस के चपेट में आने के दो से चार सप्ताह के भीतर ही लक्षण नजर आने लगते हैं। संक्रमण की प्रारंभित स्थिति में लोगों को बुखार, सिरदर्द, दाने या गले में खराश सहित इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी का अनुभव हो सकता है। संक्रमण बढ़ने के साथ कई अन्य गंभीर समस्याएं नजर आने लगती हैं।
- लिम्फ नोड्स में सूजन
- तेजी से वजन कम होते जाना।
- बुखार आना
- दस्त और खांसी
- गंभीर जीवाणु संक्रमण
- कुछ प्रकार के कैंसर का विकसित होना।
कैसे पता करें कहीं एचआईवी संक्रमण तो नहीं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है एचआईवी परीक्षण करवाना। परीक्षण के लिए रक्त का सैंपल लिया जाता है। इसके अलावा एचआईवी किट के माध्यम से खुद की इससे जांच की जा सकती है। आप किसी फार्मेसी से या ऑनलाइन माध्यम से सेल्फ-टेस्ट किट खरीद सकते हैं।
एचआईवी संक्रमण का इलाज
वर्तमान में, एचआईवी/एड्स का कोई इलाज नहीं है। एक बार संक्रमण हो जाने के बाद इससे छुटकारा नहीं पा सकता है। हालांकि, ऐसी कई दवाएं हैं जो एचआईवी को नियंत्रित करने के साथ जटिलताओं को कम कर सकती हैं। इन दवाओं को एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) कहा जाता है। एचआईवी से निदान हर किसी को एआरटी शुरू कर देना चाहिए। एचआईवी संक्रमण से बचाव को लिए कोई वैक्सीन भी नहीं है।