शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में खीर रखने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की रौशनी से अमृत वर्षा होती है। इसलिए चांद की रौशनी में खुले आसमान के नीचे खीर बनाकर रखी जाती है। जिससे कि अमृत की वर्षा खीर में हो। जिसे प्रसाद के तौर पर ग्रहण किया जाता है। मान्यता है कि इस खीर को खाने से आरोग्य मिलता है। अगर आप भी आने वाली शरद पूर्णिमा के दिन खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखने वाली हैं। तो इन दो तरह की रेसिपी को ट्राई करें। दोनों ही रेसिपी से खीर स्वादिष्ट बनेगी और आप इसे आसमान के नीचे रख पाएंगी।
Sharad Purnima Kheer Recipe: शरद पूर्णिमा पर बनानी है खीर, तो इन दो तरह की रेसिपी को करें ट्राई
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सौ ग्राम चावल, एक लीटर दूध, सौ ग्राम चीनी, देसी घी एक चम्मच, इलायची पाउडर एक चम्मच, काजू, बादाम, अखरोट आठ से दस बारीक कटे हुए, चिरौंजी।
खीर बनाने के लिए सबसे पहले चावल को अच्छी तरह से धोकर साफ कर लें। फिर चावल के पानी को अच्छी तरह से छान लें। अब किसी भगोने में दूध को उबालने के लिए रख दें। अगर दूध गाढ़ा है तो इसमे थोड़ा पानी भी मिला सकती हैं। दूध में जब एक उबाल आ जाए तो चावल को दूध में डालकर चलाएं। आंच को बिल्कुल धीमा कर दें। जिससे कि सारे चावल दूध में अच्छी तरह से पक जाएं। जब चावल अच्छी तरह से पक जाए तो इसमे चीनी डाल दें।
चीनी डालकर अच्छी तरह से खीर को चलाएं। साथ में काजू, बादाम, अखरोट, चिरौंजी को डालकर चलाएं। जिससे कि खीर गाढ़ी हो जाए। खीर गाढ़ी होने पर पांच से दस मिनट तक तेज आंच पर पकाएं और इलायची पाउडर डालकर गैस बंद कर दें। बस तैयार है स्वादिष्ट चावल की खीर।
केसरिया खीर
चावल की केसरिया खीर बनाने की दूसरी विधि बताई जा रही है। इसके लिए चावल को धोकर पानी में भिगो दें। एक कटोरी दूध में चुटकीभर केसर अच्छी तरह से घोल कर अलग रख लें। अब एक बड़े बर्तन में दूध को मध्यम आंच पर पकाएं। जब दूध उबल जाए तो भीगे हुए चावल मिलाकर चलाते रहें। अब ढककर 15 से 20 मिनट पकाएं। 5 मिनट के लिए गैस की आंच धीमी कर दें और स्वादानुसार चीनी मिला लें। स्वादिष्ट केसरिया खीर तैयार है।