Household Chores Can Improve Health: रोजाना घरेलू कामकाज करते हुए पसीने से तर-ब-तर हो जाती हैं और थकान भी अधिक होती है? क्या आप भी अन्य महिलाओं की तरह ही फिट रहने के लिए थका देने वाले घरेलू कामकाज को पर्याप्त व्यायाम का विकल्प मानती हैं?
Health Tips: घर के कामकाज को महिलाएं न समझें व्यायाम, कसरत का विकल्प बन सकता है ये कार्य
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पुराने समय से आज की तुलना
महिलाएं बहु-प्रतिभाशाली होती हैं। आज के समय में तो महिलाएं घर और बाहर, दोनों काम देख रही हैं। अधिकांश महिलाओं का मानना है कि घरेलू काम ही पर्याप्त व्यायाम हैं और उन्हें खुद को फिट रखने के लिए किसी अन्य गतिविधि की जरूरत नहीं है। यही नहीं, अपनी बात को साबित करने के लिए वे पुराने जमाने की उपाधि भी कुछ इस तरह देती हैं, “क्या उस समय कोई जिम या व्यायाम उपकरण होते थे? तब भी तो सब स्वस्थ और फिट रहती थीं।” माना, उस समय महिलाओं को घर पर ही चक्की की सहायता से आटा पीसना पड़ता था, पूरे फर्श को मिट्टी, गोबर और पानी से लीपना पड़ता था। वे कसरत का अच्छे विकल्प थे, लेकिन आज के घरेलू काम नहीं। यह पूरी तरह सच है।
गृह कार्य भी शारीरिक मेहनत
यह बात साफ है कि गृह कार्य में शारीरिक मेहनत शामिल है। यह व्यायाम की श्रेणी में आता है या नहीं, यह बात उस कार्य की तीव्रता पर निर्भर करती है। इसे निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण कारक आपके द्वारा किए गए प्रयास की मात्रा है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक घंटे की गहन सफाई 20 मिनट के कम प्रभाव वाले व्यायाम के बराबर हो सकती है। स्क्रबिंग, वैक्यूमिंग और लिफ्टिंग आदि शारीरिक ऊर्जा की मांग करती हैं, जो आप बॉडीवेट व्यायाम में खर्च करती हैं।
आंकड़े बोलते हैं
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा महिलाओं पर एक अध्ययन किया गया। इसके अनुसार, 36 प्रतिशत महिलाएं घर के कामकाज को ही वर्कआउट मानती हैं। इस अध्ययन से सामने आया कि जो महिलाएं घर के काम को अपना वर्कआउट मानती थीं, उनका वजन उन महिलाओं से ज्यादा था, जो किसी अन्य प्रकार की एक्सरसाइज भी करती थीं।
जानें पूरी हकीकत
“सवाल यह है कि ऐसा क्यों? मैं भी सारे काम करती हूं। मैं दिन में सोती भी नहीं। मेरा भी घर के काम से शरीर उतना ही थकता है और मेरी फिजिकल एक्टिविटी उतनी ही होती है।” शिखा ने हेल्थ एक्सपर्ट से पूछा तो उन्होंने जवाब दिया, “इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।” इनको जानना आपके लिए भी जरूरी है।”
एक्टिविटी लेवल की तीव्रता
माही की आदत में है, बहुत तेज गति से घर की सीढ़ियां उतरना और चढ़ना। सारे दिन में तीन-चार बार सीढ़ियां चढ़ने-उतरने से ही माही इतना थक जाती है कि फिर छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ा लगती है या अपने काम की दुहाई देती है। असल में, जब महिलाएं पूरे दिन काम में लगी रहती हैं, जैसे कि घर की साफ-सफाई और बाकी काम आदि तो उनके दिल की धड़कन बढ़ जाती है और तब एक्टिविटी लेवल ज्यादा तेज या गहन लगने लगता है। इससे महिलाओं को महसूस होता है कि यह काम वर्कआउट जैसा ही है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं होता।
कम कैलोरी बर्न होना
महिलाएं जब घर के काम ज्यादा करती हैं तो उनको लगता है कि वे तो ज्यादा कैलोरी बर्न कर रही हैं, जबकि ऐसा नहीं होता। नेहा रोजाना सुबह घर की साफ-सफाई में दो घंटे लगाती है। बावजूद इसके वह मनचाहा वजन कम नहीं कर पा रही। ऐसा नहीं है कि घर के कामों से शारीरिक गतिविधियां नहीं होती और शरीर की चर्बी कम नहीं होती। घर के कामों से भी कैलोरी बर्न होती है, लेकिन इतनी ज्यादा नहीं, जितनी आप साधारण वर्कआउट करके कम कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, आधे घंटे तक वैक्यूम करने से 130 कैलोरी कम होती है, जबकि आधा घंटे तक साइकिल चलाने से आप 400 कैलोरी तक कम कर सकती हैं।
कुछ न कुछ खाने की आदत
महिलाओं में अक्सर एक आदत देखी जाती है कि वे किचन में काम के दौरान कुछ न कुछ खाती रहती हैं। हो सकता है, आप ऐसा न करती हों। लेकिन आमतौर पर घर के काम करने के दौरान बीच-बीच में कुछ न कुछ खाते-पीते रहना या हल्की सी थकान महसूस होने पर कुछ समय के लिए कमरे में जाकर लेट जाना हेल्दी लाइफस्टाइल की गिनती में नहीं आते। अगर मनचाहा परिणाम चाहती हैं तो वह व्यायाम करने से ही मिल सकता है, क्योंकि जितनी कैलोरी आप काम करने के दौरान बर्न करती हैं, उतनी ही आप स्नैक्स खाने से ग्रहण भी कर लेती हैं।
अन्य गतिविधियां भी जरूरी
“मम्मी आपने देखा है, स्नेहा की मम्मी कितनी फिट हैं! आप भी जिम जाया करो न।” समृद्धि ने मां से कहा तो वह मुंह बनाते हुए बोलीं, “जिम! मेरा तो सारे दिन यह घर ही जिम है। एक पैर पर नाचती रहती हूं पूरे दिन। इससे ज्यादा और भला क्या व्यायाम होगा!” समृद्धि हंसकर बोली, “ओ मेरी मदर इंडिया, घर के काम करना अच्छी बात है, लेकिन इसके साथ ही आपको रोजाना कुछ समय किसी अन्य गतिविधि में भी शामिल होना चाहिए, जिससे आपको दोनों तरह के व्यायाम का फायदा मिल सके और आप स्वस्थ रहें।”