दीपिका शर्मा
पहले के समय में यदि बेटी के लिए वर अच्छा मिल जाए तो उसे दूर देश या मीलों दूर किसी दूसरे राज्य में ब्याह देना सामान्य था और उससे मुलाकात केवल तीज-त्योहार तक ही सीमित रह जाती थी। लेकिन आज तेज रफ्तार और डिजिटल दौर में दूरियां कम हुई हैं, मगर फिर भी माता-पिता चाहते हैं कि बेटी आस-पास ही रहे, जहां मीलों नहीं, बल्कि कुछ घंटों की ही दूरी हो।
आसान पहुंच
- पास रहने का सबसे बड़ा फायदा है कि मिलने-जुलने में कोई बाधा नहीं होती।
- आप जब चाहें मिल सकती हैं, बातचीत कर सकती हैं।
- छोटी-बड़ी परेशानियों तथा गलतफहमियों को तुरंत सुलझा सकती हैं।
- इससे रिश्ते में पारदर्शिता आती है और आपसी विश्वास मजबूत होता है।
- वहीं नजदीक होने के कारण दोनों परिवार एक-दूसरे की भावनाओं और जरूरतों को आसानी से समझ पाते हैं, जिससे रिश्ते में सामंजस्य बढ़ता है।