Safe Hill Travel During Rainy Season: गर्मी से राहत पाने के लिए जून का महीना पहाड़ों की सैर के लिए सबसे लोकप्रिय समय माना जाता है। देशभर से लाखों पर्यटक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के खूबसूरत पहाड़ी इलाकों की ओर रुख करते हैं। कई लोग महीनों पहले होटल और यात्रा की एडवांस बुकिंग भी कर लेते हैं ताकि छुट्टियों का पूरा आनंद लिया जा सके। लेकिन जून के अंतिम सप्ताह और मानसून की शुरुआत के साथ मौसम अचानक बदल सकता है।
Monsoon Travel Tips: पहाड़ों पर घूमने जा रहे हैं? बारिश और IMD अलर्ट के बीच भूलकर भी न करें ये गलती
Rain Alert In June: बारिश और IMD अलर्ट के दौरान पहाड़ों की यात्रा कैसे करें?
यदि आपने पहाड़ों पर घूमने की एडवांस बुकिंग कर रखी है और मौसम विभाग ने बारिश या आंधी का अलर्ट जारी किया है, तो यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। वाटरप्रूफ कपड़े, जरूरी दवाएं, पावर बैंक और इमरजेंसी नंबर साथ रखें। पहाड़ी क्षेत्रों में रात की यात्रा से बचें और भूस्खलन संभावित मार्गों की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें।
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यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर जांचें
- पहाड़ों में मौसम कुछ घंटों में बदल सकता है।
- इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देखें।
- यदि किसी इलाके में भारी बारिश, भूस्खलन या सड़क बंद होने की चेतावनी हो तो यात्रा कार्यक्रम में बदलाव करना बेहतर हो सकता है।
वाटरप्रूफ और जरूरी सामान साथ रखें
मानसून में यात्रा के दौरान जरूरी सामान वाटरप्रूफ बैग में रखें।
- रेनकोट
- वाटरप्रूफ जैकेट
- अतिरिक्त कपड़े
- टॉर्च
- पावर बैंक
- दवाइयां
- जरूरी दस्तावेज
पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक खराब हो सकता है, इसलिए तैयारी पूरी होनी चाहिए।
रात के समय यात्रा करने से बचें
- बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर दृश्यता कम हो जाती है।
- मानसून में सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
- रात में ड्राइविंग जोखिम बढ़ा सकती है।
- कोशिश करें कि लंबी यात्रा दिन के समय ही पूरी करें।
भूस्खलन और नदी-नालों के पास सतर्क रहें
- मानसून में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
- ऐसे क्षेत्रों में वाहन रोकने या फोटो खींचने के लिए ज्यादा देर रुकना सुरक्षित नहीं माना जाता।
- तेज बहाव वाले नालों और नदियों को पार करने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए।