Bhujangasana Ke Fayde : योग में कई ऐसे आसन हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। उन्हीं में से एक है भुजंगासन, जिसे अंग्रेजी में Cobra Pose कहा जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी, फेफड़ों और पेट के अंगों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। नियमित अभ्यास करने से शरीर लचीला बनता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिल सकती है।
Cobra Pose: भुजंगासन कैसे करें? जानिए सही तरीका, फायदे और सावधानियां
Cobra Pose Benefits: भुजंगासन एक योगासन है जिसमें पेट के बल लेटकर शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाया जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है, कमर दर्द कम करता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है। रोजाना 30–60 सेकंड तक इसका अभ्यास करने से शरीर लचीला और मजबूत बनता है।
भुजंगासन करने का सही तरीका
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योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
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दोनों हथेलियां कंधों के पास जमीन पर रखें।
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गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे सिर और छाती ऊपर उठाएं।
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कमर तक शरीर जमीन से ऊपर उठाएं।
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20–30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
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धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
भुजंगासन के 10 प्रमुख फायदे
- कमर दर्द में राहत
भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और कमर दर्द को कम करने में मदद करता है।
- रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है
इस आसन से स्पाइन की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है।
- पेट की चर्बी कम करने में मदद
यह आसन पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है जिससे फैट कम होने में मदद मिलती है।
- फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है
भुजंगासन करने से छाती फैलती है जिससे सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है।
- तनाव कम करता है
नियमित अभ्यास मानसिक तनाव और थकान को कम करता है।
- पाचन तंत्र बेहतर बनाता है
यह आसन पेट के अंगों को सक्रिय करता है जिससे पाचन सुधरता है।
- कंधों और गर्दन को मजबूत करता है
भुजंगासन शरीर के ऊपरी हिस्से को मजबूत बनाने में मदद करता है। इससे कंधों और गर्दन मजबूत होती है।
- शरीर की लचीलापन बढ़ाता है
भुजंगासन के अभ्यास से शरीर ज्यादा लचीला और एक्टिव बनता है।
- थायराइड ग्रंथि को लाभ
यह आसन हार्मोन संतुलन में मदद कर सकता है और थायराइड ग्रंथि के लिए फायदेमंद है।
- ऊर्जा बढ़ाता है
सुबह इसका अभ्यास करने से पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
भुजंगासन करते समय सावधानियां
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गर्भवती महिलाएं यह आसन न करें।
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गंभीर कमर दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
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ज्यादा जोर लगाकर शरीर को ऊपर न उठाएं।
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धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।
भुजंगासन करने का सही समय
भुजंगासन करने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट होता है। इससे शरीर को ज्यादा फायदा मिलता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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