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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: स्टील की टंकी में काली पन्नी, इस खास जगह होता था रकम का बंटवारा; नए चौंकाने वाले खुलासे

Sat, 04 Jul 2026 12:05 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 04 Jul 2026 12:05 PM IST
सार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी में कस्टडी रिमांड में लिए गए आरोपी अविनाश शुक्ला ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि सभी आरोपी मिलकर हर बार लाखों रुपये पार करते थे। ये सिलसिला लंबे समय से चल रहा था। एक साल पहले उसने नौकरी जॉइन की तब से वह भी इसमें शामिल हो गया था। सूत्रों ने बताया कि अविनाश का कहना था कि जो भी रकम सभी लोग मिलकर पार करते थे, वह बराबर हिस्सों में बांटी जाती थी। 

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Ram Mandir Donation Scam accused had deleted the CCTV footage in the control room
Ram Mandir Donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। चोरी की करतूत न खुले, इसलिए आरोपियों ने कई बार सीसीटीवी से छेड़छाड़ की। कंट्रोल रूम में जाकर सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने की कोशिश की और एक-दो बार इसमें सफल भी हुए। हालांकि, पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच में सबूत के तौर पर जितने फुटेज की जरूरत थी, उतने मिल चुके हैं।


गणना की जगह सीसीटीवी की जद में है। यह बात आरोपियों को पता थी। जो जानकारी उन्हें नहीं होती थी, वह गणना इंचार्ज सुभाष व टिन्नू यादव से मिल जाती थी। जब ये सभी रकम पार करते थे, तो उस दौरान सभी एक कर्मी को घेरकर खड़े हो जाते थे, ताकि पूरी तरह कैमरे की जद में न आएं।

Ram Mandir Donation Scam accused had deleted the CCTV footage in the control room
राम मंदिर के शिखर पर लहराता ध्वज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस की पूछताछ व जुटाए गए साक्ष्यों से पता चला कि आरोपी सबूत मिटाने का प्रयास करते थे, ताकि वह पकड़े न जाएं। इसलिए वह खुद कंट्रोल रूम में कई बार गए और सीसीटीवी से छेड़छाड़ की। यही वजह है कि कंट्रोल प्रभारी व वहां तैनात कर्मी भी सवालों के घेरे में हैं।
 
Ram Mandir Donation Scam accused had deleted the CCTV footage in the control room
राम मंदिर के शिखर पर लहराता ध्वज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कंट्रोल रूम प्रभारी आरएमओ अर्जुन देव का तबादला जरूर किया गया, लेकिन उन पर भी कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उनको भनक कैसे नहीं लगी।
 
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Ram Mandir Donation Scam accused had deleted the CCTV footage in the control room
राममंदिर का परिसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कंट्रोल रूम की करते थे निगरानी
आरोपी बखूबी जानते थे कि उनकी करतूत कैमरों में कैद हो रही है। तब भी वह रुपये पार करते रहे। सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि गणना के वक्त जब आरोपी रकम पार करते थे, तो कई बार गणना इंचार्ज कंट्रोल रूम की निगरानी करता रहता था ताकि वहां पर कोई न जाए। अगर जाए, तो वह उसका ध्यान भटका सके। टिन्नू ने भी ये काम किया है। मतलब, हर वह प्रयास करते थे, जिससे वह पकड़े न जा सकें।
 
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Ram Mandir Donation Scam accused had deleted the CCTV footage in the control room
आरोपी अविनाश शुक्ला
अविनाश ने उगले राज, टिन्नू सुभाष की भूमिका की पुष्टि की
अविनाश शुक्ला से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। अविनाश ने बताया कि उसके साथ टिन्नू और सुभाष की मिलीभगत थी, इसलिए पकड़े जाने का डर नहीं था। टिन्नू कहता था कि कहीं कुछ नहीं होगा। फुटेज डिलीट कर दिए जाएंगे। बाकी यहां कोई पकड़ने वाला नहीं है। क्योंकि टिन्नू की ही जिम्मेदारी निगरानी की थी। अविनाश के मुताबिक, कभी भी उसको किसी भी सुरक्षाकर्मी या किसी अन्य ने टोका तक नहीं।
 
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