दिल्ली जाने वाली वीआईपी ट्रेनों में शुमार शताब्दी एक्सप्रेस यात्रियों की पसंदीदा है। हालांकि, पीक सीजन (गर्मी की छुट्टियां, त्योहार) के बाद यह यात्रियों के लिए तरस जाती है। स्थिति यह है कि इन दिनों जहां दिल्ली की दूसरी ट्रेनों में वेटिंग चल रही है, शताब्दी खाली सीटों के साथ रफ्तार भर रही है। फ्लेक्सी प्राइसिंग के चलते यात्रियों का इससे मोहभंग हो रहा है।
फ्लेक्सी प्राइसिंग सिस्टम के कारण लोगों का इस ट्रेन से मोहभंग, हवाई जहाज से महंगा पड़ रहा सफर
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इससे सस्ती तो फ्लाइट है
सितंबर में शताब्दी का अधिकतम किराया 2,255 रुपये है, वहीं इससे कम कीमत में फ्लाइटें मिल रही हैं। गोएयर की जी8-175 फ्लाइट का किराया 1817 रुपये है। ऐसे ही इंडिगो की 6ई-114 का किरया 1831 रुपये और विस्तारा की यूके-997 का 2334 रुपये है। विमान एक से डेढ़ घंटे में दिल्ली पहुंचा रहे, शताब्दी छह घंटे से अधिक समय लेती है।
शताब्दी एक्सप्रेस में फ्लेक्सी प्राइसिंग सिस्टम लागू है। इसके तहत हर दस प्रतिशत सीटें बुक होने के बाद किराये में दस प्रतिशत की वृद्धि हो जाती है। इससे चेयरकार का किराया बढ़ते हुए 1500 रुपये तक पहुंच जाता है। शताब्दी का बेस फेयर 674 रुपये है, जिसमें कैटरिंग चार्ज 165 रुपये, रिजर्वेशन चार्ज 40 रुपये, सुपरफास्ट चार्ज 45 रुपये, फ्लेक्सी चार्ज व जीएसटी चार्ज भी जोड़ा जाता है।