छतरपुर का एक युवक यूक्रेन में फंसा हुआ है। वह पढ़ाई करने वहां गया था। आसिफ ने वीडियो कॉल कर वहां के हालात बयां किए हैं। उसने बताया कि फिलहाल तो शहर में सभी सामान्य है। पर बार्डर पर जरूर चिंताजनक हालात होने की खबरें हैं। स्थानीय लोगों के बीच तनाव का माहौल है, सब डरे हैं कि कहीं कुछ हो न जाए। हम काफी लोग यहां है, फ्लाइट की वजह से देश नहीं लौट पा रहे हैं। सभी घरों में हैं। हमारी क्लास भी ऑनलाइन कर दी गई हैं।
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आसिफ भी वहां के बिगड़ते हालात को लेकर डरा हुआ है। वह भी जल्द घर आना चाहता है। उसका कहना है कि हम काफी लोग यहां है, फ्लाइट की वजह से देश नहीं लौट पा रहे हैं। किराया भी कई गुना बढ़ गया है। टीवी चैनलों पर दिखाई जा रही खबरों से घरवाले भी परेशान हैं। दिन में सात-आठ बार फोन आ जाता है। सरकार से मैं कहना चाहता हूं कि यहां से जाने वाली फ्लाइट की संख्या बढ़ा दी जाए। फिलहाल तीन ही फ्लाइट चल रही हैं। सभी जल्दी अपने घर लौटना चाहते हैं। तीन फ्लाइटों में सिर्फ एक हजार यात्री ही आ पाएंगे, जबकि यहां 20 हजार से ज्यादा बच्चे हैं। यहां के कॉलेजों की क्लास भी ऑनलाइन चल रही हैं। हमें सुरक्षित रहने को कहा गया है।
परिवार वाले चिंता में
मौजूदा दौर में यूक्रेन और रूस के बीच हालात नाजुक हैं। यूक्रेन संकट को गहराता देखकर भारत पहले ही अपने नागरिकों को वहां से लौटने का परामर्श जारी कर चुका है। छतरपुर शहर के नए मोहल्ले के रहने वाले मुस्ताक खान का छोटा बेटा आसिफ खान यूक्रेन में ओडेशा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और इस साल उसका लास्ट सेमिस्टर है। लगातार सुर्खियों में बने यूक्रेन के हालात के चलते अब आसिफ और उसका पूरा परिवार परेशान है। रोज ही माता-पिता अपने बेटे से वीडियो कॉल से पल-पल और मौजूदा हालातों की जानकारी ले रहे हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि उनका बेटा घर वापिस आ जाए और उनके बेटे को घर लाने के लिए सरकार मदद करे।
पिता मुस्ताक खान का कहना है कि बच्चे को एमबीबीएस करने भेजा था। बच्चे तनाव में हैं। घरों में कैद हैं। कहीं निकल नहीं पा रहे हैं। देश लौटने के लिए प्रयास कर रहे हैं। हम भी चिंतित हैं। हम सरकार से गुजारिश करना चाहते हैं, जिस तरह कोरोना के समय यात्रियों को निकाला गया था। वैसे ही इस बार भी किया जाए।
सरकार कुछ न कुछ जरूर करेगी
आसिफ की मां राहत खातून ने कहा कि कोविड के समय भी सरकार ने मदद की थी और स्पेशल फ्लाइट चलवाई थीं, जिससे यूक्रेन में रह रहे बच्चे घर आए थे। इसलिए अब उनका कहना है कि एक बार फिर उन्हें पूरी आशा है कि सरकार कुछ ना कुछ करेगी जिससे भारत के सभी बच्चे अपने घर आ सकेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि फिलहाल फ्लाइट का किराया बहुत ज्यादा है, और वे चाहते हैं कि उनका बेटा जल्द घर आए।
बड़े भाई की सगाई में भी नहीं आ पाएगा आसिफ
आसिफ के परिवार और खुद आसिफ को मलाल है कि वह अपने भाई के सगाई में शामिल नहीं हो पाए हैं। बता दें कि आसिफ के बड़े भाई की सगाई है, पूरा परिवार इस खुशी के क्षण में आसिफ के शामिल ना हो पाने के चलते मायूस है। परिवार का कहना है कि वह अपने स्तर से भी प्रयास करेंगे कि उनका बेटा जल्द घर वापस आ जाए। परिवार ने बताया कि वहां से आने के लिए फ्लाइट कम हो गई हैं तो वहीं किराया भी 2 से 3 गुना बढ़ा दिया गया हैं। अब 90 हजार से लेकर 2 लाख तक किराया है जो कि पहले से बहुत ज़्यादा है।