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Who is Vijay Shah: सीएम की बहनों को धमकाने वाले मंत्री शाह का विवादों से पुराना नाता, इन बयानों ने कराई फजीहत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 15 Dec 2025 07:06 PM IST
सार

MP Minister Vijay Shah Statement: मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह एक बार फिर विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। लाड़ली बहनों, कर्नल सोफिया, दिव्यांगों और अन्य मामलों में उनके बयान पहले भी विवाद बढ़ा चुके हैं। 

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Who is Vijay Shah Controversial Statements Madhya Pradesh Minister Political Profile Explained
मप्र सरकार में मंत्री विजय शाह अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं। - फोटो : अमर उजाला
BJP leader Vijay Shah Controversial Statements: मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग मंत्री विजय शाह अपने बयानों के कारण एक बार फिर विवादों में हैं। रतलाम में लाड़ली बहनों को लेकर दिए गए बयान के बाद फिर उनकी किरकिरी हुई है। कौन हैं विजय शाह, कौनसे बयानों से वे चर्चा में आए। कब उन्हें कार्रवाई भी झेलनी पड़ी। जानते हैं इस खबर में-


आखिर कौन हैं विजय शाह
मंत्री विजय शाह की गिनती भाजपा के सीनियर मंत्रियों में होती है। वर्ष 1990 से वे विधानसभा सदस्य हैं। इस बार आठवीं बार जीते हैं। आदिवासी नेता होने के कारण उन्हें मप्र की बाबूलाल गौर सरकार, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव सरकार में मंत्रीपद भी मिला है। विजय शाह ने 1990 में पहली बार हरसूद से चुनाव लड़ा था। नवंबर 1962 में मकड़ाई के राजघराने में उनका जन्म हुआ था। उनका विवाह मध्य प्रदेश के देवास जिले की बागली जागीर की भावना कुशवाहा से हुआ है और उनका एक पुत्र है, दिव्यादित्य।

अब क्यों चर्चा में आए
मंत्री विजय शाह अब फिर अपने बयान से घिर गए हैं। दो दिन पहले उन्होंने रतलाम में सीएम की लाडली बहनों को कथित रूप से धमकाने की कोशिश की थी। दरअसल रतलाम में एक बैठक में जिला प्रभारी मंत्री शाह ने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी से जिले की लाड़ली बहनों के आंकड़े की जानकारी ली और धमकी भरे अंदाज में कहा कि 'मेरे सामने एक प्लान करो, जब 1500 के हिसाब से हम लोग करोड़ों रुपए दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के दो साल हो गए, बहन अपने भाई का सम्मान तो करें सब। ढाई लाख में से 50000 क्यों आएं, देखो जरा। जो आएंगे उनके ढाई सौ बढ़ा देंगे नहीं तो फिर देखते हैं। जो सरकार गरीब बहनों के जीवन में खुशहाली ला रही है तो उसको 2 साल में एक बार थैंक यू तो बोलना चाहिए। नहीं तो फिर जिनको ढाई-ढाई सौ रुपए बढ़ रहे हैं। वह कौन अधिकारी है, फिर जांच के बाद ही देखेंगे, किसी का आधार में लिंक नहीं है। जांच थोड़ी पेंडिंग कर देंगे, मतलब वह पेंडिंग हो ही जाएगी... फिर सब आएंगे। हम किसी को परेशान भी नहीं करना चाहते हैं।' बयान के बाद बीजेपी प्रदेश संगठन की पूछताछ के बाद उन्होंने यू-टर्न लेते हुए सफाई दी है।

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मंत्री विजय शाह - फोटो : अमर उजाला
पहले कौन से बयान रहे चर्चाओं में
इससे पहले मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने वालीं कर्नल सोफिया पर गलत बयानबाजी कर दी थी। 12 मई को उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को "आतंकियों की बहन" बताया था। उस बयान पर हंगामा मचा और विरोध बढ़ा तो अगले ही दिन, 13 मई को उन्होंने ठीक इसी तरह की सफाई दी थी कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। विजय शाह ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर कैलाश विजयवर्गीय के बयान का भी समर्थन किया था, तब भी उनकी किरकिरी हुई थी। 

विद्या बालन का डिनर से इंकार तो रुकवाई शूटिंग
बता दें कि मप्र में बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन एक फिल्म शेरनी की शूटिंग कर रही थीं, तब मंत्री विजय शाह ने उन्हें डिनर का आमंत्रण भेजा था। पर विद्या ने इंकार कर दिया था। कहा जाता है कि इसके बाद विजय शाह ने फिल्म की शूटिंग की अनुमति वापस ले ली थी। उन्हें एक वन क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया था।

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मंत्री विजय शाह। - फोटो : अमर उजाला
दिव्यांगों को कहा था लूला-लंगड़ा
खंडवा जिले के हरसूद तहसील में 3 अक्तूबर 2023 को सर्व सुविधा युक्त ग्रामीण वाचनालय का भूमिपूजन कार्यक्रम था। कार्यक्रम में प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री शाह वहां मौजूद लोगों से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई बार दिव्यांगों के बारे में बात करते हुए उन्हें लूला-लंगड़ा जैसे अमर्यादित शब्द कह डाले। शाह ने कहा था "तुम तो भूत वाला आदमी मेरे जिम्मे कर दो और भूल जाओ भूत को। मुझसे बड़ा भूत कोई नहीं है। अब दो ही काम करूंगा मैं चुनाव के बाद, अगर जिताओगे तो, नहीं तो मत जिताना। अब मैं मिलूंगा सिर्फ भूतों से और लंगड़े लूलों से। ऐसे लोगों की वकील साहब लिस्ट बनाओ, जो लंगड़े लूले हैं, जिनको गाड़ी नहीं मिल रही, घरवालों से परेशान हैं और ऐसे लंगड़े लूले जिन्होंने तिरस्कार सहते सहते बात करना ही बंद कर दिया है।" 

बयानों के फेर में मंत्री पद भी गंवा चुके
बिगड़े बोल के कारण एक बार विजय शाह अपना मंत्रीपद भी गंवा चुके हैं। बीते कुछ साल पहले जंगल में आग जलाकर पार्टी करने की पोस्ट के बाद भी उनकी किरकिरी हुई थी। विधानसभा चुनाव के समय अपने प्रतिद्वंदी उम्मीदारों को धमकाने के आरोप भी उन पर लगते रहे है। 2013 में उन्होंने झाबुआ में आदिवासी कन्या छात्रावास में ट्रेकसूट वितरण के दौराना छात्रावास की युवतियों से डबल मीनिंग बात की थी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को लेकर अशोभनीय टिप्पणी कर दी थी। तब उन्हें अपना मंत्रीपद गंवाना पड़ा था।



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पुलिस ने पिटाई कर तोड़ दिया था पैर
1998 में चुनाव जीतने के बाद विजय शाह ने खंडवा में पुलिस हिरासत में एक ढोलक बजाने वाले युवक की मौत का मुद्दा उठाया था। तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। प्रदर्शन के दौरान शाह ने एक थाना प्रभारी को चांटा मार दिया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने घेर कर शाह की डंडों से पिटाई कर दी। तब शाह का पैर फ्रैक्चर हो गया था। खैर, हाल ही में लाडली बहनों को लेकर दिए बयानों पर उन्हें संगठन में जवाब देना पड़ा है। उन्होंने सफाई देते हुए बयान को गलत तरीके से पेश करना बताया है। 
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