वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दमोह जिला प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से 10 किलोमीटर के दायरे में बसे ग्रामीणों को नया शस्त्र लाइसेंस नहीं मिलेगा।
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वन्यजीवों ने रोके नए शस्त्रों के लाइसेंस
- फोटो : अमर उजाला
पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण पर भी रोक लगा दी गई है। यह निर्णय शुक्रवार को आयोजित समस्त विभागीय बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर सुधीर कोचर ने की।
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बैठक में निर्देश देते कलेक्टर
शिकार पर अंकुश लगाने के लिए लिया गया फैसला
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि कई ग्रामीण चोरी-छिपे टाइगर रिजर्व की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं और शस्त्रों के सहारे वन्यजीवों का शिकार करते हैं, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।
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बैठक में निर्देश देते कलेक्टर
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस न होने की स्थिति में ऐसे अवैध कृत्यों पर रोक लगेगी, जिससे दुर्लभ वन्य प्रजातियों की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
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वन्यजीवों ने रोके नए शस्त्रों के लाइसेंस
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टाइगर रिजर्व का विस्तार और संवेदनशीलता
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो दमोह, सागर और नरसिंहपुर जिलों में फैला हुआ है। पूर्व में यह क्षेत्र नौरादेही अभयारण्य के नाम से जाना जाता था।
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