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Gujrat Factory Blast: एक साथ जली 18 चिताएं तो रो पड़ा हर शख्स, परिजन पांच मिनट भी नहीं देख सके अपनों का चेहरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 03 Apr 2025 07:14 PM IST
सार
गुजरात के बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में मारे गए मध्य प्रदेश के 18 मजदूरों का नर्मदा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। गांव में मातम पसरा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सरकार ने सहायता राशि दी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन लगातार प्रयासरत रहा।
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देवास के संदलपुर गांव में नर्मदा किनारे एक साथ जलीं 18 चिताएं
- फोटो : अमर उजाला
गुजरात के बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में मारे गए मध्य प्रदेश के 18 मजदूरों का अंतिम संस्कार गुरुवार को नर्मदा किनारे किया गया। देवास जिले के खातेगांव के पास गांव संदलपुर के नर्मदा किनारे 18 चिताएं एक साथ जलाई गईं। जिसने भी ये दिल दहलाने वाला दृश्य देखा, उसके आंसू नहीं थम रहे थे।
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गुजरात फैक्ट्री हादसे में मारे गए मप्र के लोगों का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
हरदा पटाखा फैक्ट्री में भी कर चुके थे काम
इस हादसे में जान गंवाने वाले कुछ मजदूर पहले हरदा की पटाखा फैक्ट्री में भी काम कर चुके थे। उनमें से कुछ लोग उस समय किसी हादसे में बच गए थे, लेकिन इस बार वे बच नहीं सके।
ये भी पढ़ें- कर्ज चुक जाए इसलिए गुजरात में बनाने लगे थे पटाखे, उन्हीं पटाखों ने ले ली पूरे परिवार की जान
गांव में पसरा मातम
ग्राम संदलपुर में एंबुलेंस पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन ताबूत में रखे शवों को देख उनसे लिपट गए और बिलखने लगे। पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाया और शवों को अंतिम संस्कार के लिए नेमावर रवाना किया।
इस हादसे में जान गंवाने वाले कुछ मजदूर पहले हरदा की पटाखा फैक्ट्री में भी काम कर चुके थे। उनमें से कुछ लोग उस समय किसी हादसे में बच गए थे, लेकिन इस बार वे बच नहीं सके।
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गांव में पसरा मातम
ग्राम संदलपुर में एंबुलेंस पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन ताबूत में रखे शवों को देख उनसे लिपट गए और बिलखने लगे। पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाया और शवों को अंतिम संस्कार के लिए नेमावर रवाना किया।
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जिसने भी ये मार्मिक दृश्य देखा, उसकी आंखें भी नम हो गईं
- फोटो : अमर उजाला
नेमावर घाट पर जलीं 18 चिताएं
नेमावर घाट पर जैसे ही शव पहुंचे, वहां लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस बल भी सुरक्षा के लिए तैनात रहा। देवास जिले के संदलपुर के 10 और हरदा के 8 मृतकों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। घाट पर 18 चिताएं जलती देख हर कोई स्तब्ध रह गया। हरदा और देवास के कलेक्टर व एसपी भी मौके पर मौजूद रहे।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
अंतिम संस्कार में पहुंचे पूर्व मंत्री कमल पटेल ने इसे हृदयविदारक घटना बताते हुए कहा कि सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और कहा कि सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी।
नेमावर घाट पर जैसे ही शव पहुंचे, वहां लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस बल भी सुरक्षा के लिए तैनात रहा। देवास जिले के संदलपुर के 10 और हरदा के 8 मृतकों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। घाट पर 18 चिताएं जलती देख हर कोई स्तब्ध रह गया। हरदा और देवास के कलेक्टर व एसपी भी मौके पर मौजूद रहे।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
अंतिम संस्कार में पहुंचे पूर्व मंत्री कमल पटेल ने इसे हृदयविदारक घटना बताते हुए कहा कि सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और कहा कि सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी।
शव पहुंचने से पहले ही चिताओं के लिए लकड़ी-कंडे जुटा लिए गए थे
- फोटो : अमर उजाला
नर्मदा घाट पर मानो मातम पसर गया
बता दें कि चार एंबुलेंस से सभी शवों को नर्मदा किनारे तक लाया गया था। प्रशासन ने पहले ही तैयारी कर रखी थी। लकड़ी-कंडे जुटा लिए थे, शव पहुंचते ही चिताएं तैयार कर ली गई थीं। करीब दो घंटे तक पूरा प्रशासन मौके पर डटा रहा। जैसे-जैसे चिताएं जलती गईं, मौके पर जैसे सन्नाटा पसर गया। हर शख्स की आंखों में नमी दिखाई दे रही थी। परिजन देर तक मौके पर ही रहे।
बता दें कि चार एंबुलेंस से सभी शवों को नर्मदा किनारे तक लाया गया था। प्रशासन ने पहले ही तैयारी कर रखी थी। लकड़ी-कंडे जुटा लिए थे, शव पहुंचते ही चिताएं तैयार कर ली गई थीं। करीब दो घंटे तक पूरा प्रशासन मौके पर डटा रहा। जैसे-जैसे चिताएं जलती गईं, मौके पर जैसे सन्नाटा पसर गया। हर शख्स की आंखों में नमी दिखाई दे रही थी। परिजन देर तक मौके पर ही रहे।
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विधायक आशीष शर्मा पूरे समय वहीं रहे
- फोटो : अमर उजाला
ऐसा दृश्य पहली बार देखा
विधायक आशीष शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा मंजर देखा है। उन्होंने मां नर्मदा से प्रार्थना की कि ऐसा दृश्य दोबारा न देखने को मिले। उन्होंने आश्वासन दिया कि मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता दिलाई जाएगी।
विधायक आशीष शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा मंजर देखा है। उन्होंने मां नर्मदा से प्रार्थना की कि ऐसा दृश्य दोबारा न देखने को मिले। उन्होंने आश्वासन दिया कि मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता दिलाई जाएगी।

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