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कुंडलपुर पंचकल्याणक महोत्सव: धूमधाम से मना भगवान आदिनाथ का जन्मोत्सव, दर्शन करने पहुंचे कमलनाथ
Fri, 18 Feb 2022 06:14 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 18 Feb 2022 06:14 PM IST
सार
कुंडलपुर पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को भगवान आदिनाथ का जन्मोत्सव मनाया गया। आयोजन में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु जैन तीर्थ धाम पहुंचे। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी महोत्सव में शामिल हुए ।
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आदिनाथ भगवान का जन्मोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
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कुंडलपुर पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को भगवान आदिनाथ का जन्मोत्सव मनाया गया। आयोजन में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु जैन तीर्थ धाम पहुंचे। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी महोत्सव में शामिल हुए और आचार्य विद्यासागर महाराज के दर्शन कर उनका आशीष लिया।
बड़े बाबा के जन्मोत्सव में शामिल श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
जैसे-जैसे पंचकल्याणक महोत्सव आगे बढ़ रहा है वैसे ही महोत्सव की आभा भी बढ़ती जा रही है। पंचकल्याणक महोत्सव में शामिल होने के लिए देश के साथ ही विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुंडलपुर पहुंच रहे हैं। आने वाले श्रद्धालु बड़े बाबा आदिनाथ भगवान के भव्य स्वरूप के दर्शनों के साथ ही आचार्यश्री के विशाल संघ के दर्शनों का लाभ भी ले पा रहे हैं। आचार्य विद्यासागर महाराज के संघ में 90 दिगम्बर जैन मुनि एवं 150 से अधिक आर्यिकाएं शामिल हैं। वहीं लगभग दो हजार ब्रह्मचारी भाई-बहन भी उनके संघ का हिस्सा हैं।
मुख्य पांडाल में विराजमान जैन तीर्थंकर की प्रतिमाएं
- फोटो : अमर उजाला
जन्मोत्सव में आदिनाथ भगवान के जयकारों से गूंजा पांडाल
पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन मुख्य पांडाल में सुबह के वक्त भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं नित्य पूजन किया गया, जिसके बाद सुबह 7.30 बजे बालक आदिकुमार के जन्म की घोषणा हुई। भगवान आदिनाथ के जन्मोत्सव पर पूरा पांडाल भगवान के जयकारों से गूंज उठा। कई तरह के वाद्ययंत्रों को बजाकर भगवान के जन्मोत्सव की खुशियां मनाई गईं। पांडाल में शामिल करीब 40 हजार लोग भगवान आदिनाथ के जन्म के साक्षी बने।
इस अवसर पर मुनि प्रशस्त सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि तीर्थंकर भगवान के जन्म से मानवता को आत्म कल्याण का मार्ग मिला है। यह क्षण अत्यंत प्रसन्नता का है। बड़े बाबा के जैसे बड़े मंदिर की कल्पना की गई थी, उससे भी विशाल व भव्य जिनालय बनकर तैयार हो गया है।
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पंच कल्याणक महोत्सव में शामिल श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
भगवान का अभिषेक करनी लगी भक्तों की कतार
दोपहर में महाराजा नाभिराय का दरबार सजाया गया। सौधर्म इन्द्र अपनी रानी शची के साथ नाभिराय के दरबार में पहुंचे और भगवान के जन्मोत्सव की बधाई दी। रानी शची माता मरूदेवी के प्रसूति गृह में पहुंचकर बालक तीर्थंकर को लेकर आती हैं। सौधर्म इन्द्र एक हजार नेत्र बनाकर भगवान के दर्शन करते हैं। खुशी से नृत्य करते हैं। कुबेर खुशी से नाचते हुए पूरे पांडाल में अपना खजाना लुटाते हैं। कुबेर ने चांदी के सिक्के बरसाये, पांडाल में यह सिक्के पाने लोग झपट पड़े। ऐसा माना जाता है कि भगवान के जन्मोत्सव पर कुबेर द्वारा लुटाये रत्न तिजोरी में रखने से धन की कमी नहीं होती। सौधर्म इन्द्र और रानी शची ऐरावत हाथी पर बालक तीर्थंकर को बैठाकर विशाल जुलूस के साथ सुमेरू पर्वत स्थित पांडुक शिला पर पहुंचे, जहां बालक तीर्थंकर को बिठाकर 1008 कलशों से अभिषेक किया गया। भगवान का अभिषेक करने भक्तों की कतार लग गई।
भगवान के जन्मोत्सव के अवसर पर पंचकल्याणक महोत्सव में आए श्रद्धालुओं को नागपुर के संतोष कुमार जैन गिरवर की तरफ से नि:शुल्क भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया गया। पंचकल्याणक महोत्सव में इस परिवार को भगवान का माता-पिता बनने का सौभाग्य मिला है।
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कुंडलपुर तीर्थ स्थल
- फोटो : अमर उजाला
आचार्य विद्यासागर महाराज से मिलने पहुंचे कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ आज पंचकल्याणक महोत्सव में शामिल हुए और आचार्य विद्यासागर महाराज को श्रीफल भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर कमलनाथ ने महोत्सव में आए भक्तों का अभिवादन कर उन्हें कुंडलपुर में भव्य जिनालय के लिए बधाई दी। पूर्व सीएम ने पहाड़ पर स्थापित बड़े बाबा की प्रतिमा के दर्शन कर ध्यान लगाया। इस दौरान उन्होंने नए मंदिर की विशेषता और बड़े बाबा के चमत्कारों के बारे में भी जानकारी ली।
