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पन्ना नेशनल पार्क: अमानगंज बफर क्षेत्र में नजर आए दुर्लभ कृष्ण मृग, भारतीय संस्कृति में है विशेष महत्व

Tue, 01 Mar 2022 12:46 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना Published by: रवींद्र भजनी Updated Tue, 01 Mar 2022 12:46 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के पन्ना नेशनल पार्क में ड्रोन कैमरे से ली गई तस्वीरों में छह से अधिक कृष्ण मृग नजर आए। यह हिरण दुर्लभ प्राणियों की सूची में शामिल है। इस वजह से पन्ना में इनका दिखना पार्क प्रबंधन के लिए उत्साह की बात है। 

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Panna National Park: A rare species of deer Krishna Mrug or Blackbuck reported in Panna Tiger Reserve
पन्ना टाइगर रिजर्व में दिखाई दिया काला हिरण। - फोटो : अमर उजाला
बाघों के लिए पहचान रखने वाले पन्ना नेशनल पार्क में कृष्ण मृग का एक समूह दिखाई दिया है। कृष्ण मृग दुर्लभ प्राणियों की सूची में शामिल है और इसका पन्ना नेशनल पार्क में दिखना उत्साह बढ़ाने वाला है। पार्क प्रबंधन को ड्रोन कैमरे से ली गई तस्वीरों में आधा दर्जन कृष्ण मृग का एक समूह दिखा है। यह समूह बहुत छोटा है, इसलिए पार्क में भी बहुत कम देखा जाता है। 
Panna National Park: A rare species of deer Krishna Mrug or Blackbuck reported in Panna Tiger Reserve
ड्रोन कैमरे से लिए फोटो में दिखे कृष्ण मृग। - फोटो : अमर उजाला
कृष्ण मृग यानी काले हिरण को पंजाब, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में राजपशु का दर्जा प्राप्त है। भारतीय संस्कृति में भी इसका विशेष महत्व है। इसके सिंग पेंचदार होते हैं। कृष्ण मृग भारतीय उपमहाद्वीप का मूल निवासी है। पन्ना टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि ड्रोन कैमरे से ली गई तस्वीरों में अमानगंज बफर रेंज में आधा दर्जन कृष्ण मृग दिखाई दिए हैं। इन्हें काला हिरण व भारतीय एंटीलोप भी कहा जाता है। इनकी संख्या बहुत कम है। आईयूसीएन की सूची में इसे दुर्लभ वन्य प्राणियों की श्रेणी में रखा गया है। 
Panna National Park: A rare species of deer Krishna Mrug or Blackbuck reported in Panna Tiger Reserve
बफर रेंज में दिखाई दिया काला हिरण। - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी
शर्मा का कहना है कि आम तौर पर काले हिरण ऐसी जगहों पर मलिते हैं, जहां पर्याप्त पानी और घास के मैदान हो। इनके दुर्लभ होने की वजह से पार्क प्रबंधन इन पर विशेष निगरानी रख रहा है। यह उत्साहवर्धक है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में कृष्ण मृग मौजूद है। वन्य प्राणी अधिनियम 1972 के तहत शैड्यूल-1 में यह शामिल है। यानी इसका शिकार करना गैरकानूनी है। कानून में इसे सर्वोच्च संरक्षण प्रदान किया गया है। ग्रामीण लोग इसे बचाने के प्रयास किए जाते हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश की विश्नोई कम्युनिटी इसे पूजते हैं। कृष्ण मृग ने अगर फसल को नुकसान पहुंचाया तो भी किसान इसे बुरा नहीं मानते। 
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Panna National Park: A rare species of deer Krishna Mrug or Blackbuck reported in Panna Tiger Reserve
काले हिरण की संख्या देशभर में 25 हजार से अधिक नहीं है। - फोटो : अमर उजाला
भारत में सिर्फ 25 हजार कृष्ण मृग
कृष्ण मृग यानी ब्लैकबक या काले हिरण भारत के कई संरक्षित जंगलों में पाए जाते हैं। इनमें गिर नेशनल पार्क, कैमूर वन्यप्राणी अभयारण्य, कान्हा नेशनल पार्क, रणथंबौर नेशनल पार्क शामिल है। 2017 में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज के पास ट्रांस-यमुना बेल्ट में ब्लैकबक कंजर्वेशन रिजर्व स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी थी। भारत में इस समय 25 हजार के करीब कृष्ण मृग पाए जाते हैं। अवैध शिकार और आवास की कमी इसके सामने सबसे बड़ी चुनौती है।  
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