MP: बालाघाट में रहस्यमयी बीमारी से 7 आदिवासी बच्चों की मौत, पूर्व सीएम कमलनाथ ने सीएम मोहन यादव को लिखा पत्र
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की बैहर तहसील के आदिवासी गांवों में फैली बीमारी से 40 दिनों में सात बच्चों की मौत हो गई। 96 संक्रमित बच्चों में 51 स्वस्थ हुए हैं। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की।
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मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की बैहर तहसील के वनांचल क्षेत्रों में फैली बीमारी से पिछले 40 दिनों में सात आदिवासी बच्चों की मौत हो गई है। हालात गंभीर होने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जिला मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर दूर मछुरदा, कोरका, बोंदारी, अडोरी और कुंडेकसा जैसे आदिवासी बहुल गांवों में मलेरिया, टाइफाइड, हैजा और फंगल संक्रमण के मामले सामने आए हैं। प्रभावित गांवों के कई बच्चे बीमार हैं। प्रशासन ने गांव के स्कूल को अस्थायी अस्पताल में बदल दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने 96 गंभीर रूप से बीमार बच्चों की पहचान कर उन्हें बैहर अस्पताल और जिला अस्पताल बालाघाट में भर्ती कराया। इनमें से 51 बच्चे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 45 बच्चों का उपचार जारी है।
चार मेडिकल टीमें तैनात
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीमारी की शुरुआत करीब एक महीने पहले हुई। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक पहली मौत 26 जून को हुई थी, जबकि 31 जुलाई तक सात बच्चों की जान जा चुकी है। मृतकों में तीन वर्षीय सुंदरी, तीन वर्षीय प्रीति, छह वर्षीय एक बालक, चार वर्षीय अरविंद और पांच वर्षीय मंगली मरकाम शामिल हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलाव ने बताया कि प्रभावित गांवों में चिकित्सकों की चार टीमें लगातार सर्वे और उपचार में लगी हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी तैनात हैं।
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अंधविश्वास बना इलाज में देरी की वजह
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बैगा समुदाय के कई परिवार शुरुआती दौर में अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र का सहारा लेते हैं। अधिकारियों के अनुसार इसी वजह से कई मरीजों का इलाज समय पर शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बीमारी को दूर करने की मान्यता के तहत करीब 100 मुर्गों की बलि भी दी। इलाज में देरी के कारण बच्चों की हालत गंभीर होती चली गई।
कमलनाथ ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजे पत्र में कहा है कि बैगा समुदाय अत्यंत संवेदनशील जनजातीय समूह है। ऐसे में बच्चों की लगातार हो रही मौतों को सामान्य स्वास्थ्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रभावित गांवों में पोषण, स्वच्छ पेयजल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और संक्रमण के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
