रीवा जिले के त्योंथर में पशु प्रेम का एक अनूठा मामला सामने आया है। एक बंदर की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई थी। इस पर स्थानीय लोगों ने न केवल गाजे-बाजे के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकाली, बल्कि सम्मान के साथ उसे दफनाया गया।
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रीवा में बंदर का सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
करंट लगने से हुई बंदर की मौत
यह मामला त्योंथर के चाकघाट स्थित वार्ड क्रमांक-12 का है। यहां एक बंदर करंट की चपेट में आने से मरा पड़ा था। पहले तो वहां के व्यापारियों ने वन विभाग से संपर्क किया। बताया गया कि बंदर का शव ले जाने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। वन विभाग इसमें कोई मदद नहीं कर सकता। तब नगर पालिका को सूचना दी गई। वहां से बताया गया कि जो भी करेगा, वन विभाग करेगा।
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रीवा में व्यापारियों ने बंदर का अंतिम संस्कार किया।
- फोटो : अमर उजाला
व्यापारियों ने ठानी अंतिम संस्कार करने की
दोनों विभागों ने जब जिम्मेदारी लेने में टालमटोल की तो स्थानीय लोगों ने खुद ही उस बंदर के अंतिम संस्कार की ठानी। तय हुआ कि पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। लोगों ने गाजे-बाजे के साथ अंतिम यात्रा निकाली। उस बंदर को श्रद्धांजलि दी गई। महेंद्र केसरवानी, बड़कू आदिवासी समेत कई लोगों ने बंदर की अंतिम यात्रा में भाग लिया।
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रीवा में बंदर को दफनाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
केसरवानी ने कहा कि हमने चाकघाट के वन विभाग को सूचना दी थी कि बंदर मर गया है, परंतु वहां से कोई मदद नहीं मिली। नगर पालिका के कर्मचारियों और अधिकारियों ने भी रुचि नहीं ली। तब हमने बंदर का अंतिम संस्कार किया।
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