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MP: सीधी में मिला रहस्यमयी जीवाश्म, 12 मीटर लंबी हड्डियां व बड़े-बड़े दांतों की क्या है कहानी? कहां हैं अधिकारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी Published by: सीधी ब्यूरो Updated Sat, 07 Feb 2026 04:36 PM IST
सार

सीधी जिले के सिहावल क्षेत्र स्थित कोरौली कला के अतरौला पहाड़ी इलाके में मिले संभावित जीवाश्म को छह दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन द्वारा संरक्षित नहीं किया जा सका है। जांच टीम के न पहुंचने से बच्चों और चरवाहों की छेड़छाड़ के कारण बहुमूल्य वैज्ञानिक साक्ष्य नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जांच टीमें पहुंचने में देरी क्यों कर रही हैं?

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Sidhi News Madhya Pradesh Why are potential fossils not being preserved
बच्चों और चरवाहों की छेड़छाड़ के कारण बहुमूल्य वैज्ञानिक साक्ष्य नष्ट होने का खतरा। - फोटो : अमर उजाला

सीधी जिले के सिहावल जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोरौली कला के अतरौला पहाड़ी क्षेत्र में मिले संभावित जीवाश्म (फॉसिल) को लेकर एक ओर जहां इसके वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह बहुमूल्य खोज नष्ट होने की कगार पर पहुंचती नजर आ रही है। शनिवार को इस मामले को छह दिन बीत जाने के बाद भी न तो कोई विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची है और न ही स्थल को विधिवत रूप से संरक्षित किया जा सका है।

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Sidhi News Madhya Pradesh Why are potential fossils not being preserved
ग्राम कोरौली कला के ग्रामीण मौके पर। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के अनुसार, पहाड़ी पर फैली विशालकाय हड्डियां, जिनकी अनुमानित लंबाई 11 से 12 मीटर तक बताई जा रही है, अब असुरक्षित स्थिति में पड़ी हुई हैं। छोटे बच्चे और चरवाहे इन हड्डियों के टुकड़ों से छेड़छाड़ कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ बच्चों द्वारा जीवाश्म के टुकड़ों को तोड़कर इधर-उधर फेंक दिए जाने की बातें भी सामने आई हैं, जिससे संभावित ऐतिहासिक साक्ष्यों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका और बढ़ गई है।
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Sidhi News Madhya Pradesh Why are potential fossils not being preserved
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान को दी सूचना। - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी नारायण केवट ने बताया कि जैसे ही पहाड़ी पर विकराल आकार की हड्डियां दिखाई दीं, उन्होंने तत्काल इसकी सूचना गांव के सरपंच को दी थी, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में जब बच्चों द्वारा हड्डियों से छेड़छाड़ शुरू हुई, तब उन्होंने स्वयं पहल करते हुए बिखरे टुकड़ों को एकत्र कर एक स्थान पर रखा, ताकि इन्हें किसी तरह सुरक्षित किया जा सके। बावजूद इसके, स्थिति फिर से बिगड़ती नजर आ रही है।
Sidhi News Madhya Pradesh Why are potential fossils not being preserved
अपने मोबाइल फोन पर तस्वीर कैद करते हुए ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने दोबारा इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी एसडीएम सिहावल को दी, लेकिन इसके बाद भी मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस देरी से ग्रामीणों में गहरा रोष और निराशा देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि यह खोज वास्तव में प्राचीन जीवों से जुड़ी है, तो यह क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर साबित हो सकती है, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण यह सदा के लिए नष्ट हो सकती है।
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रहस्यमयी जीवाश्म को लेकर कई तरह की चर्चा। - फोटो : अमर उजाला
मामले को लेकर एसडीएम प्रिया पाठक ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इस संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम से संपर्क किया गया है। 
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