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पत्नी के चलते इतने बड़े स्टार बने हैं इरफान, रुला देगी इनकी कहानी
Sat, 07 Jan 2017 10:54 AM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला, नई दिल्ली
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Updated Sat, 07 Jan 2017 10:54 AM IST
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इरफान खान सड़क पर थे। उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं था, उस वक्त एक लड़की उनकी जिंदगी में आई। पूरी कहानी रुला देगी। आज उनका बर्थडे हैं, पढ़िए उनके जीवन की ये संघर्षभरी कहानी...
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राजस्थान की राजधानी जयपुर के आमेरओड़ इलाके एक साधारण से परिवार में जन्मे इरफान खान के पिता की एक टायर की दुकान थी। उसमें भी इरफान सबसे बड़े बेटे थे। घरवालों को उम्मीद थी कि इरफान जल्द कमाना शुरू कर देंगे।
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लेकिन इरफान ऐसा करने में असफल रहे। वह घर से झूठ बोलकर दिल्ली आ गए। यहां आकर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में प्रवेश की कोशिश की। लेकिन उनके पास न्यूनत अर्हता (10 नाटक का अनुभव जरूरी) नहीं थी। यहां पर इरफान ने फिर झूठ बोला। यहां तक भी तक ठीक था।
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लेकिन सबसे बड़ी परेशानी तब शुरू हुई जब उनका एनएसडी में प्रवेश हुआ। उन्हीं दिनों उनके पिता की मृत्यू हो गई। घर के आय का स्रोत ही समाप्त हो गया। मजबूरी में पिता के टायर पंचर की दुकान छोटे भाई इमरान ने संभाली। लेकिन इरफान के लिए घर से पैसे मिलने के दरवाजे बंद हो गए। पहले भी नहीं मिलते थे, लेकिन पिता की मौत के बाद अब उनके पास बस एनएसडी से मिलने वाली फेलोशिप ही सहारा थी।
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लेकिन कद-काठी व ग्रामीण परिवेश की वजह से एनएसडी में भी इरफान की उपेक्षा होती थी। घरेलू परेशानियों के साथ एनएसडी की परेशानियां सहते-सहते इरफान टूटते जा रहे थे। इन सारी बातों को एक बड़े गौर से एक लड़की देखा करती थी। वह इरफान की सहपाठी थी, एनएसडी में ही। दिल्ली की रहने वाली थी, लेकिन उन्हें इरफान में दिलचस्पी थी।
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