बाड़मेर और जैसलमेर में रात के समय पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन आ रहे हैं। हमारे डिफेंस सिस्टम इन ड्रोन्स को हवा में ही मार गिरा रहे हैं। यह नजारा देखकर स्थानीय लोगों का जोश हाई है। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पूरी तरह सुरक्षित है। भारतीय सेना पाकिस्तान को करारा जवाब दे रही। लोगों ने जैसलमेर में पाकिस्तान की ओर से किए गए अटैक की खबर लगने पर समाचार देखा तो पता चला कि सेना ने हमला नाकाम कर दिया। इसका जश्न मनाते हुए लोगों ने भारत माता की जय और भारतीय सेना जिंदाबाद के नारे लगाए।
Indo-Pak Tension: 'डर किस बात का, नौ साल का था तब युद्ध देखा', बॉर्डर पर ऐसा है लोगों का जज्बा
भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। पाकिस्तान सीमा से सटे हुए शहरों में जिंदगी कैसी है? वहां लोगों की रातें कैसे गुजर रही हैं, इसकी पड़ताल अमर उजाला ने की। जो देखा-समझा, वह हौसले बढ़ाने वाला था।
'डर किस बात का, सायरन बजता है तो लाइटें बंद कर देते हैं'
बाड़मेर के करतारपुरा में रहने वाले बुजुर्ग नारायण जोशी जब नौ साल के थे, तब उन्होंने युद्ध देखा था। उसे याद करते हुए वे कहते हैं, डर किस बात का, मैंने तो बचपन में ही युद्ध देख लिया था। उस समय रात में पाकिस्तान के जहाज आते थे। हमारे जहाज सुबह जाकर पाकिस्तान के जहाजों को फोड़ देते थे। तब और अब में बहुत फर्क आ गया है। भारत सर्वगुण संपन्न हो गया है। अब तो तनाव की कोई बात ही नहीं है। रात में सायरन बजता है तो सभी लाइटें बंद कर देते हैं। सब मिल-जुलकर रह रहे हैं।
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'सरकार इजाजत दे तो युद्ध लड़ने को तैयार'
दरअसल, जब आसमान में चिंगारियां उठ रही होती हैं तो जोश अलग हो जाता है। ऐसा ही माहौल यहां है, जो लोगों का उत्साह बढ़ा रहा है। सायरन या ब्लैकआउट से लोग डर नहीं रहे हैं बल्कि सतर्क हो रहे हैं। वे देश के लिए मर मिटने को तैयार हैं। इसका अंदाजा मोहम्मद मंजूर कुरैशी से बात करके लगाया जा सकता है। वे कहते हैं- अब हमारी उम्र 70 की हो रही है। लेकिन, अगर सरकार इजाजत देती है तो सीमा पर जाकर युद्ध करने के लिए तैयार हूं। पाकिस्तान की नापाक हरकतों को हर हाल में जवाब दिया जाना चाहिए।
लोगों को समझाया
बाड़मेर के करतारपुरा में रहने वाले सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि रात में जब सायरन बजा, तो सभी लाइटें बंद कर दीं। सड़क पर आने-जाने वालों को भी समझाया कि वे वाहनों की लाइटें बंद करें और धीरे-धीरे चलें।
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पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा
इससे पहले गुरुवार को तनाव को देखते हुए रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक बाड़मेर में ब्लैकआउट रहा। इसके चलते पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा। प्रशासन की अपील पर आमजन ने सहयोग किया। रात 8:50 पर बाड़मेर में सायरन की गूंज शुरू हुई, जो करीब 10 मिनट तक चलती रही। 9 बजते ही पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और बिजली बंद रखने की अपील की। रात 2:30 बजे के बाद स्थितियां सामान्य हुईं तो प्रशासन की ओर से रेड अलर्ट समाप्त होने की जानकारी दी गई।
सभी कर्मचारियों-अधिकारियों के अवकाश निरस्त
तनाव के हालात को देखते हुए बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने जिले की समस्त अधिकारियों और कर्मचारी के अवकाश निरस्त कर दिए हैं, साथ ही मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेन्द्र सिंह चांदावत ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आदेश जारी कर जिले के समस्त अधिकारिेयों और कर्मचारियों के अवकाश व मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध लगाया है। जिन अधिकारियों व कर्मचारियों ने पहले से अवकाश ले रखा है, उन्हें भी निरस्त कर दिया गया। सभी को तत्काल अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
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बाड़मेर में ट्रेनों पर असर
- गाड़ी संख्या 14895, भगत की कोठी-बाड़मेर रेल सेवा 9 मई को रद्द रहेगी।
- गाड़ी संख्या 14896, बाड़मेर-भगत की कोठी रेल सेवा 9 मई को रद्द रहेगी।
- गाड़ी संख्या 04880, मुनाबाव-बाड़मेर रेल सेवा 9 मई को रद्द रहेगी।
- गाड़ी संख्या 54881, बाड़मेर-मुनाबाव रेल सेवा 9 मई को रद्द रहेगी।