हनुमानगढ़ जिले के भादरा कस्बे में शुक्रवार सुबह डीएपी खाद लेने पहुंचे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। किसानों में महिलाएं भी शामिल थीं, जो टोकन लेने के लिए कृषि विश्राम गृह के बाहर लंबी लाइन में लगी थीं। बिना किसी चेतावनी के अचानक हुए इस लाठीचार्ज से भगदड़ मच गई और मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
Rajasthan News: डीएपी खाद के लिए लाइन में लगे किसानों पर लाठीचार्ज, कई लोग घायल; अव्यवस्था की तस्वीरें...
Lathi-charge On Farmers: भादरा में डीएपी खाद लेने आई किसानों की भीड़ पर पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हो गए। इसे लेकर किसान और नेताओं ने रोष जताया, जबकि पुलिस ने कहा कि लाठीचार्ज का आदेश नहीं था और जांच की जाएगी।
भगदड़ में कई किसान घायल, सामान छूटा
लाठीचार्ज के दौरान हुई भगदड़ में कई किसानों को चोटें आईं। भीड़ के बीच अफरातफरी में कई लोगों की चप्पलें, कपड़े और थैले वहीं गिर गए। किसानों ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्वक लाइन में लगे थे, लेकिन पुलिस ने अचानक डंडे बरसाने शुरू कर दिए। उनका कहना था कि यदि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करना था, तो पहले चेतावनी दे सकती थी। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
गुरुवार रात से लाइन में लगे थे किसान
जानकारी के अनुसार, भादरा कस्बे के कृषि विश्राम गृह में शुक्रवार को डीएपी खाद के लिए टोकन वितरण होना था। खाद की कमी की खबर सुनते ही गुरुवार रात से ही बड़ी संख्या में किसान लाइन में लग गए थे ताकि उन्हें समय पर डीएपी खाद मिल सके। शुक्रवार सुबह 10 बजे ऑफिस खुलने से पहले ही सैकड़ों किसान लाइन में खड़े थे। लंबी कतारों में महिलाओं की भी भरमार थी।
भीड़ बेकाबू हुई तो पुलिस ने की कार्रवाई
सुबह लगभग 11:30 बजे टोकन वितरण शुरू हुआ तो भीड़ तेजी से बढ़ने लगी। कई किसान और महिलाएं दीवार फांदकर अंदर घुसने लगे। इस दौरान स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। बताया जा रहा है कि भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने अचानक लाठियां बरसाईं। लाठीचार्ज के बाद भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग गिरकर घायल हो गए।
महिलाओं ने कहा- पूजा नहीं, खाद जरूरी
शुक्रवार को करवा चौथ का दिन था, लेकिन शहर और गांव की कई महिलाएं सजने-संवरने की जगह खाद केंद्र के बाहर लाइन में खड़ी दिखीं। उनका कहना था कि खेतों में बुवाई के लिए डीएपी खाद की सख्त जरूरत है, इसलिए पूजा की तैयारी छोड़कर वे टोकन लेने आईं। महिलाएं बोलीं कि अगर समय पर खाद न मिली तो फसल का नुकसान होगा।
किसान नेताओं का आक्रोश, कार्रवाई की मांग
लाठीचार्ज के बाद किसानों में भारी रोष देखने को मिला। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्वक खाद लेने के लिए आए थे, लेकिन पुलिस ने बर्बरता की। किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन लगातार किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है। अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
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