जयपुर में गणगौर का उत्सव बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस उत्सव की खास बात यह रही कि इसमें पुरुषों के लिए नो एंट्री थी। घराती बाराती से लेकर दुल्हा दुल्हन तक, सभी किरदार महिलाओं ने ही निभाए। छोटी छोटी बच्चियों को दुल्हा दुल्हन बनाकर पूजा के लिए ले जाया गया। इसमें पहले उनकी खूब मनुहार की गई, फिर तैयार किया गया। इस बीच महिलाओं ने मंगल गीत गाए और पूरी परम्पराओं के साथ ये अनूठी रीत निभाई।
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गणगौर पूजा करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
इस अनूठी रीत को निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। इसमें दो बच्चियों को सजा धजा कर दुल्हा दुल्हन बनाया गया। इसमें बच्चियों को बाग बगीचों में ले जाया गया। जहां वृक्ष को साक्षी बनाकर उनका विवाह करवाया गया। इस मौके पर शहर के बगीचों में बड़ी संख्या में लोग ये नजारे देखने को आए।
घराती बाराती बनी महिलाएं
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गणगौर पूजा
- फोटो : अमर उजाला
दुल्हा दुल्हन बने बच्चों को फेरे भी दिलाए गए। इन बच्चों को न केवल एक दूसरे का हाथ थमाया गया बल्कि उन्होंने पेड़ को साक्षी मानकर उसके चक्कर भी काटे। इस मौके पर बच्चियों के साथ आई हुई महिलाओं ने बाराती घराती का किरदार भी निभाया। ढोल की आवाज पर महिलाओं ने जमकर डांस भी किया।
ढोल पर जमकर थिरकी महिलाएं
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नाचती हुई महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
इस उत्सव की सबसे खास बात यह भी थी कि इसमें लड़कों या पुरुषों किसी भी तरह की एंट्री नहीं थी। इसमें दुल्हा भी लड़की थी और दुल्हन भी। शादी करवाने से लेकर बाराती और घराती सभी महिलाएं व लड़कियां ही थे। सभी ने उत्सव का पूरा आनंद उठाया।
थकान से चूर, सो गई दुल्हन
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थककर सो गई दुल्हन
- फोटो : अमर उजाला
पूरे दिन के व्यस्त कार्यक्रम के बाद बच्चों को जमकर थकान भी हुई। हालत यह रही कि दुल्हा दुल्हन बने बच्चे जल्द ही थककर सो गए। इस तरह के नजारे कई जगह देखने को मिले, कुछ बच्चें पार्क में ही तो कुछ घर पहुंचते पहुंचते सो गए।