मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को राज्य विधानसभा परिसर से शिमला शहर के लिए इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इसके बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि शिमला शहर में ऐसी अन्य 50 बसें चलाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि इन बसों में आधुनिक उपकरण स्थापित किए गए है और यह बसें प्रदूषण रहित होंगी। यह शिमला शहर के समृद्ध और स्वच्छ वातावरण की रक्षा के लिए एक कारगर कदम सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह बस यात्रियों को प्रदूषण रहित, शोर मुक्त और आरामदायक यात्रा का आनंद देगी।
राजधानी शिमला की पहली इलेक्ट्रिक बस ‘हिम तरंग’ का मुद्रिका रूट पर संचालन शुरू हो जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस 30 सीटर बस में जहां शहर के लोग आरामदायक सफर कर पाएंगे। वहीं पूरी तरह इलेक्ट्रिक होने के कारण इस बस से न तो प्रदूषण होगा और न ही कोई शोर-शराबा।
एचआरटीसी ने बस पर हिमाचल के मंदिरों का डिजाइन बनवाया है। डेढ़ घंटे चार्जिंग के बाद यह बस 150 किलोमीटर का सफर तय करेगी। शहर की सड़कों के गड्ढों से बस को नुकसान न हो इसके लिए बस को एयर सस्पेंशन तकनीक से लैस किया गया है।
वोल्वो बसों की तरह इस बस की ग्राउंड क्लीयरेंस बढ़ाई जा सकती है। बस के लिए एचआरटीसी ने ढली वर्कशॉप में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया है। बस की कीमत सामान्य बसों के मुकाबले काफी अधिक है। एक बस की कीमत करीब 78 लाख रुपये है। बस में सामान्य किराया वसूला जाएगा। न्यूनतम किराया भी पांच रुपये होगा।