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विधानसभा चुनाव परिणाम: सीएम सुखविंद्र सुक्खू बोले- ईवीएम को कोई भी कहीं भी कर सकता है हैक

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 04 May 2026 05:47 PM IST
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सार

 विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुख्खू ने बड़ा बयान दिया है। सीएम ने दावा किया कि ईवीएम को कोई भी कहीं भी हैक कर सकता है। 

Assembly Election Results: CM Sukhvinder Sukhu Says—Anyone, Anywhere Can Hack an EVM
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुख्खू ने बड़ा बयान दिया है। सीएम ने दावा किया कि ईवीएम को कोई भी कहीं भी हैक कर सकता है। 2014 में जिस तरह से लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश में वोटिंग प्रतिशतता रही। उस समय भी उन्होंने सवाल उठाए थे। कांग्रेस को केवल 20 प्रतिशत वोट पड़े। इससे शंका पैदा हो जाती है। सोमवार को सचिवालय परिसर में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा पर जांच एजेंसियों ईडी और सीबीआई को कार्यकर्ताओ के रूप में प्रयोग करने का आरोप लगाया। 

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देश में 2014 के बाद एक राजनीतिक परिवर्तन आया: सुक्खू
उन्होंने कहा कि देश में 2014 के बाद एक राजनीतिक परिवर्तन आया। पहले लोकतंत्र में किसी भी संस्था को दबाव में नहीं लिया जाता था, लेकिन भाजपा ने ईडी और सीबीआई को अपने कार्यकर्ता की तरह इस्तेमाल किया है। भाजपा चुनाव में साम साम दंड भेद सबका प्रयोग करती है, जो कांग्रेस ने कभी नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में कांग्रेस ने 20 साल बाद अपने उम्मीदवार सभी सीटों पर उतारे। वह खुद वहां पर प्रचार करने गए थे, वहां पर टीएमसी के खिलाफ काफी लोगों में रोष था। भविष्य में वहां पर निश्चित रूप से ही कांग्रेस सत्ता पर काबिज होगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा ने ध्रुवीकरण किया है। टीएमसी की 15 साल की एंटी इनकम्बेंसी का फायदा उठाया है। आने वाले समय में कांग्रेस बंगाल में वापसी करेगी।

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भाजपा कार्यकर्ताओं को 1500 रुपये नहीं दे सकते
भाजपा की ओर से कांग्रेस सरकार की 10 चुनाव गारंटियों पर उठाए जा रहे सवालों पर भी मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। कहा कि सरकार ने 10 गारंटियों को पूरा कर दिया है 1500 रुपये महिलाओं को दिए जा रहे हैं। अभी डेढ़ साल सरकार के और हैं, अन्य जिलों में भी राशि दी जाएगी। चुटकी लेते हुए कहा कि अब भाजपा के कार्यकर्ताओं और विधायकों की पत्नियों को तो 1500 रुपये नहीं दे सकते हैं। ये तो आम आदमी को ही मिलेगा।

निगम चुनाव में उठाएंगे सिलिंडर महंगे होने का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कमर्शियल गैस सिलिंडरों के दामों में की गई वृद्धि को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और नगर निगम चुनाव में इसे मुद्दा बनाने की बात कही। कहा कि गैस के दामों में वृद्धि से सबसे ज्यादा असर शहरी क्षेत्र में होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में तो लोग चूल्हे पर भी खाना बना लेते हैं। ऐसे में नगर निगम के चुनाव में लोग इस बात को याद रखेंगे कि केंद्र सरकार किस प्रकार महंगाई को आसमान में पहुंचा रही है। इसके अलावा आरडीजी बंद करने का मामला भी चुनाव में उठाया जाएगा।

निष्पक्षता से समझौता कर चुका संस्थान है चुनाव आयोग : विक्रमादित्य
पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए लोक निर्माण एवं नगर निकाय मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि देश का चुनाव आयोग निष्पक्षता से समझाैता कर चुका संस्थान बन गया है। ईवीएम हैक जैसी घटनाएं कहीं न कहीं हुई तो हैं। कई जगह इसके प्रमाण भी मिले हैं। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बहुत से सवाल उठे हैं, पूरा देश यह कह रहा है। देश की एजेंसियां अपने काम से समझौते कर रही हैं। चुनाव आयोग की निष्पक्षता वाली छवि और गरिमा घटी है। केंद्र सरकार ने यह सब किया है। कई बार लोकसभा और सुप्रीम कोर्ट में भी यह मामला उठाया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए गठित पैनल से मुख्य न्यायाधीश को हटाकर गृह मंत्री को शामिल करना कहीं न कहीं सवाल खड़े करता है। इसे ठीक करना जरूरी है, क्योंकि अगर चुनाव व्यवस्था और चुनाव आयोग से आम लोगों का विश्वास उठ गया तो फिर इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया जिस पर करोड़ों रूपये खर्च होते हैं, उसका कोई महत्व नहीं रह जाएगा। चुनाव आयोग की निष्पक्षता के मुद्दे पर गंभीर मंथन होना जरूरी है।

आचार संहिता खत्म होने के बाद होगी पेंशनरों की जेसीसी
 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि नगर निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों के लिए लगी आचार संहिता खत्म होते ही पेंशनर संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक आयोजित होगी। सोमवार को हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल से प्रदेश सचिवालय में मुलाकात के के दौरान मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया। फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पेंशनरों की विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और मांग पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय चुनौतियों और आरडीजी बंद होने के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की, हालांकि केंद्र सरकार ने इसके लिए 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता रोक दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को संशोधित वेतनमान से संबंधित सभी बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया है। साथ ही 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण के लंबित मामलों का भी निपटारा कर दिया गया है। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान और पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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