शिक्षा ग्रहण करने के बाद हर किसी की सरकारी क्षेत्र में नौकरी करने की हसरत होती है। इसके लिए युवा हाथ-पांव भी मारते हैं, लेकिन नौकरी न मिलने पर तय उम्र निकल जाने के बाद थक-हार कर बैठ जाते हैं। इसके विपरीत ऊना के पैंसठ वर्षीय बुजुर्ग को अब भी सरकार की ओर से नौकरी मिलने की उम्मीद है।
बड़ोआ निवासी मंगत राम ने मुख्यमंत्री को ई समाधान के तहत पत्र लिखकर सवाल किया है कि उनसे आज तक रोजगार विभाग की ओर से सरकारी नौकरी के लिए पत्राचार क्यों नहीं किया गया। दिलचस्प तो यह है कि बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री सेवा प्रकल्प पर की गई ऑनलाइन शिकायत के बाद विभाग ने जवाब भी भेज दिया है।
खास बात यह है कि यह बुजुर्ग पिछले 38 वर्ष से लगातार रोजगार कार्यालय में अपना पंजीकरण कराते आ रहे हैं। बीते 9 सितंबर, 2019 को बुजुर्ग मंगत राम ने अपनी शिकायत (सीएम ऑफिस डायरी नंबर 16684) में कहा है कि उन्होंने 19 मार्च, 1981 को रोजगार कार्यालय में अपना मैट्रिक का प्रमाण पत्र दर्ज किया था।
जिसके बाद वह आज तक लगातार नियमित रूप से पंजीकरण कराते आ रहे हैं, लेकिन इन 38 वर्षों में रोजगार कार्यालय से उन्हें एक बार भी नौकरी के लिए कॉल लेटर या अन्य कोई खत नहीं आया। उन्होंने कहा कि अगर विभाग अन्य युवाओं से भी इसी तरह पेश आता है तो यह रोजगार विभाग की कार्यप्रणाली पर बहुत बड़ा सवाल है।
कार्यकारी जिला रोजगार अधिकारी अनीता गौतम की ओर से दिए जवाब में लिखा गया है कि अधिकतर पदों को हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर के माध्यम से भरा जाता है।