समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने सरकारी स्कूलों की पहली से आठवीं कक्षा तक की साल 2018-19 के परीक्षा परिणाम रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी ने बीते साल के मुकाबले अपनी ग्रेडिंग में दो पायदान का सुधार किया है।
इस जिले के सरकारी स्कूलों में सुधरा परीक्षा परिणाम, ये पिछड़ा
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साल 2018 में मंडी जिला तीसरे स्थान पर रहा है जबकि 2017 में पांचवां रैंक था। कुल्लू भी दसवें से नौवें स्थान पर आ गया है। लाहौल स्पीति पहले और हमीरपुर जिला दूसरे स्थान पर पहले की भांति बरकरार हैं। कांगड़ा तीसरे से चौथे, बिलासपुर चौथे से पांचवें जबकि सोलन 9वें से दसवें स्थान पर पहुंच गया है।
पहले की ही तरह किन्नौर का छठा, शिमला का सातवां, ऊना का आठवां, सिरमौर का 11वां और चंबा का 12वां रैंक आया है। प्रदेश भर की बात करें तो साल 2017 के मुकाबले साल 2018 में डेढ़ फीसदी और विद्यार्थी ए और बी ग्रेड में शामिल हुए हैं। 31 फीसदी विद्यार्थियों का परिणाम लगातार दूसरे साल भी डी और ई ग्रेड में रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018-19 में 28.1 फीसदी विद्यार्थियों को ग्रेड ए, 19.7 फीसदी को ग्रेड बी, 19.8 फीसदी को ग्रेड सी, 15.9 फीसदी को ग्रेड डी और 16.4 फीसदी विद्यार्थियों को ग्रेड ई मिला है। 2018-19 में 47.8 फीसदी विद्यार्थी ए और बी ग्रेड प्राप्त करने में सफल हुए हैं। साल 2017 में 46.09 फीसदी विद्यार्थियों को ए और बी ग्रेड प्राप्त हुआ था। ऐसे में 2018 में ए और बी ग्रेड में शामिल विद्यार्थियों की संख्या 1.71 फीसदी बढ़ी है। प्रदेश के 15 हजार स्कूलों के 4.77 लाख विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
कितने अंक पर कौन सा ग्रेड
80 से 100 ए ग्रेड
65 से 79 बी ग्रेड
50 से 64 सी ग्रेड
35 से 49 डी ग्रेड
35 से कम अंक पर डी ग्रेड