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श्रीखंड महादेव यात्रा: ईशानी ने तीन बार नंगे पांव बर्फ में की सबसे जोखिम भरी 35 किमी चढ़ाई
मन में अगर सच्ची श्रद्धा हो तो बड़ी से बड़ी बाधा को भी पार किया जा सकता है। तीन बार श्रीखंड महादेव यात्रा कर चुकी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के बागीपुल गांव की ईशानी ठाकुर ने भी कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। बर्फ पर नंगे पांव 35 किलोमीटर का कठिन सफर करने वाली ईशानी ठाकुर तीन बार सफल यात्रा कर के लौटी है। आऊटर सिराज क्षेत्र की निरमंड तहसील के बागीपुल गांव की ईशानी ठाकुर ने 18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव की यात्रा का 35 किलोमीटर बर्फीला सफर नंगे पांव तय किया है।
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- फोटो : अमर उजाला
13 जुलाई को ईशानी अपने घर बागीपुल से नंगे पांव श्रीखंड यात्रा के लिए निकली और 17 जुलाई को सकुशल वापस घर पहुंचीं। ईशानी ठाकुर ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए बताया कि वह लगातार इस वर्ष तीसरे साल नंगे पांव श्रीखंड यात्रा करके आई है। बीते वर्ष भी वह नंगे पांव यात्रा पर गई थी और पूरी रात श्रीखंड में ही बिताई थी।
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- फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि उन्हें शिव शंकर पर पूरी श्रद्धा है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे जिस काम को भी करें पूरे ध्यान और विश्वास से करें। सच्ची श्रद्धा से करें, तभी सफलता मिलती है। 22 वर्षीय ईशानी का कहना है कि जब शिव शंकर नंगे पांव रह सकते हैं तो फिर हम उन तक नंगे पांव क्यों नहीं पहुंच सकते। इसी सोच को मन में रखते हुए वह नंगे पांव श्रीखंड यात्रा का सफर करती हैं। ईशानी ने पीजी कॉलेज रामपुर से बीएससी तक की पढ़ाई पूरी की है।
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- फोटो : अमर उजाला
ईशानी 13 जुलाई को अपने घर बागीपुल से निकली, रात को काली घाटी में विश्राम किया। अगली सुबह यहां से यात्रा फिर शुरू की और पार्वती बाग में रात बिताई। 14 जुलाई को सुबह साढ़े पांच बजे पार्वती बाग से यात्रा शुरू की और सुबह 10 बजे श्रीखंड पहुंची। यहां पहुंचे अन्य शिव भक्त हैरान थे कि ईशानी कैसे नंगे पांव यहां तक पहुंच पाई। श्रद्धालुओं ने ईशानी के हाथ से डोरी भी पहनी।
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- फोटो : अमर उजाला
ईशानी शाम चार बजे श्रीखंड से वापस रवाना हुईं और रात को पार्वती बाग में ठहराव किया। इसी तरह यहां से आगे का सफर दो दिन में पूरा कर वह बागीपुल पहुंची। ईशानी ने श्रीखंड जाने वाले युवाओं को नशे से दूर रहने, यात्रा के दौरान कचरा न फैलाने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि शिवलिंग पर कोई श्रद्धालु पैसे न चढ़ाएं। इन पैसों से किसी जरूरतमंद की मदद करें।
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