जमीन से 150 फीट ऊंचाई पर दिल्ली के पांच परिवारों के 10 पर्यटकों सहित 11 लोगों की सांसें छह घंटे तक हवा में अटकी रहीं। ये पांचों परिवार आपस में रिश्तेदार हैं। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के प्रवेश द्वार परवाणू में सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे टिंबर ट्रेल रिसॉर्ट (टीटीआर) की केबल कार रोलर खराब होने की वजह से अचानक रास्ते में ही रुक गई। गर्भवती महिला, दिल और मधुमेह के मरीजों समेत भूखे-प्यासे लटके ये लोग मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन घंटों तक न तो रिसॉर्ट प्रबंधन और न ही प्रशासन से इन्हें कोई सहायता मिली।
Timber Trail Parwanoo: छह घंटे हवा में अटकी रहीं एक ही परिवार के पर्यटकों समेत 11 लोगों की सांसें, देखें बचाव अभियान की तस्वीरें
ट्रॉली बनासर के मोक्षा रिसॉर्ट से परवाणू टीटीआर के लिए आ रही थी। इस दौरान अचानक टीटीआर प्वाइंट से 100 मीटर पहले ट्रॉली रुक गई। बाद में टीटीआर में बनाई गई बचाव ट्रॉली से एक व्यक्ति को फंसी हुई ट्रॉली के पास भेजा गया। सबसे पहले महिलाओं को नीचे उतारना चाहा लेकिन उन्होंने उतरने से इनकार कर दिया।
लिहाजा, पहले एक व्यक्ति को नीचे उतारा गया, उसके बाद महिलाएं भी उतरने के लिए तैयार हो गईं। सभी को रस्सी से बांधकर एक-एक कर उतारा गया। नीचे एनडीआरएफ की टीम तैनात रही। प्रशासन ने एयरफोर्स से भी मदद मांगी थी लेकिन बाद में इनकार कर दिया गया। एनडीआरएफ की टीम को सेना के अधिकारी लीड करते रहे।
ट्रॉली में सवार थे छह पुरुष, पांच महिलाएं
मनोज गोयल (57), रीता गोयल (54) टैगोर रोड आदर्शनगर दिल्ली, कनिका गर्ग (51) ढेरावाल नगर, मॉडर्न टाउन, अंजू गर्ग (47)आदर्श नगर, हकीकतराय रोड दिल्ली, डिंपल गोयल (51), आनंद गोयल निवासी विवेक विहार, शीतल गुप्ता (52) आनंद विहार, राजेश गर्ग (50) हकीकतराय रोड दिल्ली, गोपाल गुप्ता (55)आनंद विहार, प्रवीण गर्ग (49) ढेरावाल नगर, मॉडर्न टाउन दिल्ली निवासी ट्रॉली में सवार थे। इन सबका कपड़ों का कारोबार बताया गया है। इसके अलावा ट्रॉली में होटल से जुड़े हरियाणा के जींद के चिराग भी सवार थे।
होटल पर मामले को दबाने का आरोप
दिल्ली निवासी पर्यटक मनोज गोयल ने आरोप लगाया कि होटल मामले को दबाने में लगा रहा। ट्रॉली सुबह 10:30 बजे फंस गई थी। मगर उन्हें यही बताया जाता रहा कि बिजली चली गई है। ऐसे में ट्रॉली रुक गई है।
