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9 अगस्त को सावन शिवरात्रि पर बेहद शुभ संयोग, तो इस मुहूत में करें पूजा...इच्छित फल देंगे शिव
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:38 AM IST
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- फोटो : shiv
9 अगस्त को सावन की महाशिवरात्रि है और इस बार बेहद शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में अगर आप शुभ मुहूर्त में भगवान शिव का पूजन करेंगे तो इच्छित फल देंगे भोलेनाथ।
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- फोटो : File Photo
सेक्टर-30 के श्रीमहाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि धर्म शास्त्र निर्णय सिंधु के अनुसार रात्रि में आठवें मुहूर्त में शिवरात्री होती है। 9 अगस्त को आठवां मुहूर्त है। सावन की शिवरात्रि को त्र्योदशी में प्रदोष काल होने के कारण उसी दिन प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।
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सूर्यास्त की तीन घड़ी तक प्रदोष माना जाता है। यानी एक घंटे 55 मिनट तक प्रदोष रहेगा। सूर्यास्त शाम को सात बजकर 6 मिनट तक है। शाम को सूर्यास्त से नौ बजकर एक मिनट तक प्रदोष का समय है। प्रदोष काल में शिव पूजन का बेहद महत्व है। त्र्योदशी तिथि के दिन सूर्यास्त से तीन घड़ी तक प्रदोष का पूजा करना चाहिए।
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रात नौ बजकर एक मिनट तक प्रदोष है। इस समय पूजा करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। त्र्योदशी को सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है। यदि त्र्योदशी और चतुर्दशी का संयोग एक दिन हो, बृहस्पति का दिन हो, चंद्रमा कर्क राशि में हो तो ऐसा संयोग को सर्वार्थसिद्धि योग कहा जाता है।
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बुधवार के दिन शुक्र के नीच राशि में आने के कारण यह अमृतमयी योग बना रहा है। ऐसा योग 28 वर्ष के बाद आ रहा है। 9 अगस्त की रात 10 बजकर 45 मिनट पर त्र्योदशी की समाप्ति है। 10 बजकर 46 मिनट से चतुर्दशी तिथि का आरंभ हो जाता है। शुक्रवार की शाम सात बजकर आठ मिनट पर चतुर्दशी की समाप्ति है।