{"_id":"5b6bebf54f1c1b54208b7bed","slug":"chandigarh-solar-eclipse-with-shanichari-amavasya-effect-on-zodiac-signs","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"11 अगस्त को सूर्यग्रहण और शनिश्चरी अमावस्या, 3 राशियों पर बुरा असर, बचने को करें ये उपाय","category":{"title":"Spirituality","title_hn":"आस्था","slug":"spirituality"}}
11 अगस्त को सूर्यग्रहण और शनिश्चरी अमावस्या, 3 राशियों पर बुरा असर, बचने को करें ये उपाय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 09 Aug 2018 04:07 PM IST
विज्ञापन
solar eclipse
11 अगस्त को साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। शनिवार का दिन होने के कारण शनिश्चरी अमावस्या भी पड़ रही है, इसलिए बेहद दुलर्भ संयोग है। ग्रहण का तीन राशियों पर बुरा असर रहेगा और शनि दोष भी, तो बचने को करें ये सब उपाय।
Trending Videos
solar eclipse
चंडीगढ़ में सेक्टर-30 स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र कहते हैं कि परसों यानी शनिवार को साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। यह दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा और कुल 3 घंटे 30 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का सूतक काल 10 अगस्त की रात को 12 बजे के बाद 1 बजकर 32 मिनट से शुरू हो जाएगा। पिछले सूर्यग्रहण की तरह यह इस बार भी ग्रहण आंशिक होगा। आखिरी सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, पर पड़ोसी देश चीन के अलावा यह नॉर्थ अमेरिका, नॉर्थ पश्चिमी एशिया, साउथ कोरिया और मॉस्को में भी देखा जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
solar eclipse
बीरेंद्र नारायण मिश्र कहते हैं कि बेशक ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, तो सूतक का असर भी न के बराबर होगा, लेकिन इसका राशियों पर काफी असर पड़ेगा। यह तीन राशियों के लिए अशुभी और बाकी सभी के लिए शुभ। सूर्यग्रहण कर्क राशि में होने जा रहा है जो 4 राशियों मेष, मकर, तुला और कुंभ राशि के लिए शुभ फलदायी रहने वाला है। कर्क राशि में ग्रहण होने से कर्क के अलावा, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए ग्रहण शुभ नहीं है, इन्हें कष्ट हो सकता है। इन राशियों के जातकों सेहत का ध्यान रखना चाहिए और धन खर्च को लेकर विशेष ध्यान देना चाहिए।
सूर्य ग्रहण
बीरेंद्र नारायण मिश्र बताते हैं कि ग्रहण के साथ-साथ 11 अगस्त को शनिवार के दिन अमावस्या होने से यह शनिश्चरी अमावस्या पड़ रही है। इस दिन सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है। ऐसे में शनि और पितृ दोषों से मुक्ति के लिए यह अच्छा समय है। शनिश्चरी अमावस्या के दिन शास्त्रों में बताए गए उपायों को करने से शनि की साढ़ेसाती आदि के प्रभाव कम होते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शनि के बीज मंत्र ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’ या सामान्य मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नम:’ का जप करने से शनि और पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है।
विज्ञापन
सूर्य ग्रहण
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे काली बाती बनाकर सरसों तेल का दीप जलाएं। पीपल को जल और काली चिंटियों गुड़ दें तो शनि के दोषों से मुक्ति मिलती है। पीपल के पत्तों पर मिठाई रखकर पितरों का ध्यान करें तो पितृदोष भी दूर होता है। शनि दोष से मुक्ति के लिए शनिवार के दिन चमड़े के जूते चप्पल दान करना भी अच्छा रहता है। इसके साथ आप शमी के पेड़ की भी पूजा कर सकते हैं। इस दिन घर में शमी का पेड़ लगाना भी शुभ फलदायी रहेगा।