गूगल और एपल जैसी टेक कंपनियों ने अपनी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के माध्यम से लोगों की जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है। यूजर्स गूगल असिस्टेंट और एपल सीरी को सिर्फ कमांड देकर ही इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ ही तकनीक के क्षेत्र में ऐसे कंप्यूटर्स और रोबोट्स मौजूद हैं, जो केवल एक कमांड पर ही सभी काम कर देते हैं।
एपल का Siri जल्द ही समझेगा आपकी फीलिंग, पढ़ सकेगा चेहरे के हाव-भाव
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लेकिन भावनाओं (फीलिंग) को ना समझने की वजह से इन डिवाइसेज को इंसानों से कम आंका जाता है। रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि एपल जल्द ही सीरी का नया वर्जन लेकर आने वाला है, जो यूजर्स की भावनाओं और चेहरे के हाव-भाव (एक्सप्रेशन) को समझ सकेगा।
एपल ने फाइल किया पेटेंट
आईफोन निर्माता कंपनी एपल ने सीरी के लेटेस्ट वर्जन को लेकर नया पेटेंट फाइल किया है, जिसमें यह वॉयस असिस्टेंट यूजर्स के एक्सप्रेशन और भावनाओं को पढ़ सकेगा। रिपोर्ट की अनुसार, सीरी जल्द ही यूजर की कमांड से चेहरे के भाव को समझने की कोशिश करेगा। वहीं, अन्य रिपोर्ट्स से जानकारी मिली हैं कि सीरी कई बार यूजर्स की कमांड को सही से नहीं समझ पाता है। इसके पीछे की वजह है कि कमांड के साथ यूजर के किस तरह के हाव-भाव या भावनाएं हैं।
सीरी जल्द यूजर का चेहरा करेगा रीड
एपल ने कहा है कि हम सीरी में एक खास तरह की वेरिफिकेशन लेयर को जोड़ेंगे, जो यूजर्स की कमांड के साथ उसके इमोशन को समझेगा। उदहारण के तौर पर सीरी यूजर्स के चेहरे को देखकर पता लगाएगा कि वह गुस्सा है या फिर खुश है।
कोडिंग सिस्टम को होगा इस्तेमाल
एपल की तरफ से दायर पेटेंट के अनुसार, चेहरे का डाटा कलेक्ट करने के लिए सीरी माइक्रोफोन, कैमरा और ऑडियो इनपुट की मदद लेगा। साथ ही कंपनी का फेशियल ऐक्शन कोडिंग सिस्टम यूजर्स के एक्सप्रेशन और उनसे जुड़े डाटा को फीड करेगा। आपको बता दें कि यह सिस्टम 70 के दशक में आया था और यूजर के चेहरे के हाव-भाव को समझता था।